धमतरी: धान की बेहतर उपज के लिए पहचान बनाने वाले धमतरी जिले में अब किसानों की किस्मत रागी की खेती से भी संवरने जा रही है। इस खरीफ सीजन में जिले के नगरी, मगरलोड और धमतरी विकासखंड के कई गांवों में लगभग 400 हेक्टेयर क्षेत्र में रागी की खेती की जाएगी। जिले के किसानों के लिए यह एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, जिससे न केवल उनकी आय में बढ़ोतरी होगी बल्कि क्षेत्र में पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं बीज
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की पहल पर कृषि विभाग ने जिले में रागी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत कलारतराई बीज प्रक्रिया केंद्र में रागी का बीज सुरक्षित रखा गया है, साथ ही स्थानीय स्तर पर 200 एकड़ क्षेत्र में बीज उत्पादन की भी तैयारी की जा रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इच्छुक किसान बीज उत्पादन के लिए कलारतराई और मरौद के बीज प्रक्रिया केंद्रों में संपर्क कर सकते हैं।
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रागी की खेती में लागत कम, मुनाफा अधिक
रागी एक ऐसा मोटा अनाज है जो कम पानी में भी बेहतर पैदावार देता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी खेती में न तो अधिक उर्वरकों की जरूरत होती है और न ही महंगे कीटनाशकों की। इससे उत्पादन लागत काफी कम हो जाती है और मुनाफा ज्यादा होता है। प्रति एकड़ औसतन 8-10 क्विंटल रागी का उत्पादन होता है। यदि इसे सरकार द्वारा घोषित 4,886 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर बेचा जाए तो किसानों को लगभग 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की आमदनी हो सकती है। केंद्र सरकार ने इस साल रागी के समर्थन मूल्य में भी 596 रुपये की बढ़ोत्तरी की है।
किसानों की बढ़ती रुचि
कृषि उपसंचालक मोनेश साहू ने बताया कि जिले में रागी की खेती को लेकर किसानों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। विभाग द्वारा किसानों का चिन्हांकन किया जा रहा है और चिन्हांकित किसानों को उन्नत बीज भी प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही जो किसान रागी के बीज उत्पादन में रुचि रखते हैं, वे कृषार्थ व्हाट्सएप चैनल पर ऑनलाइन सर्वे फॉर्म भरकर या नजदीकी कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क करके पंजीयन करा सकते हैं।
पोषक तत्वों से भरपूर है रागी
रागी केवल मुनाफे की फसल ही नहीं है, यह पोषण का पावरहाउस भी है। विशेषज्ञ डा. एस वानखेड़े के अनुसार, रागी में आयरन, कैल्शियम, फाइबर और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह हड्डियों को मजबूत बनाने, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और वजन घटाने में सहायक होता है। इसके अलावा यह मधुमेह रोगियों के लिए भी लाभकारी है। आजकल लोग रागी की रोटी, दलिया और कुकीज जैसी चीजों को अपने आहार में शामिल कर रहे हैं।
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मिलेट मिशन से बढ़ी मांग
मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे मिलेट मिशन और मिलेट्स कैफे की लोकप्रियता ने रागी की मांग में जबरदस्त इजाफा किया है। ऐसे में धमतरी के किसान रागी की खेती से न सिर्फ आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं, बल्कि समाज को पोषण देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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