बलराम सदन सिर्फ भवन नहीं, किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

बलराम सदन सिर्फ भवन नहीं, किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

कवर्धा : किसानों की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय परिसर में नवनिर्मित प्रदेश का पहला बलराम सदन किसान रेस्ट हाऊस का विधिवत् पूजा अर्चना कर लोकार्पण किया। उन्होंने कवर्धा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत करते हुए नव निर्मित ‘बलराम सदन किसान रेस्ट हाऊस’ को किसानों को समर्पित किया। करीब 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित यह किसान रेस्ट हाऊस पूरी तरह से सर्वसुविधायुक्त है। इसमें एसी युक्त कक्ष, ठंडा पेयजल के लिए वाटर कुलर, मनोरंजन के लिए टीवी, स्वच्छ शौचालय, बैठने की आरामदायक व्यवस्था, साफ-सफाई और जल सुविधा जैसी सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। बलराम सदन किसान रेस्ट हाऊस में कवर्धा अनुविभाग के अंतर्गत कवर्धा और पिपरिया तहसील के 184 गांव के लाखों किसान को लाभ मिलेगा।

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वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों की एक अहम मांग थी कि जब वे अपने राजस्व, कृषि या अन्य प्रशासनिक कार्यों से तहसील और अनुविभागीय कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें बैठने और विश्राम करने के लिए कोई समुचित स्थान नहीं मिलता था। बारिश, धूप और घंटों की प्रतीक्षा में किसान खुले में बैठने को मजबूर होते थे। किसानों की इसी वर्षों पुरानी मांग को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज साकार रूप दिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक संसदीय सचिव  सियाराम साहू, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष  चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, सहित जनप्रतिनिधियों, किसान संघ, जिला एवं तहसील प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान उपस्थित रहे।


उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी मेहनत के बल पर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था चलती है। जब ऐसे किसान अपने काम से सरकारी दफ्तरों में आते हैं, तो उनके लिए एक सम्मानजनक ठहराव स्थल होना चाहिए। ‘बलराम सदन’ इसी सोच का परिणाम है। यह सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि किसानों के प्रति हमारी संवेदनशीलता और कर्तव्य भावना का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों के लिए किसान सम्मान निधि, 3100 में धान खरीदी, फसल बीमा योजना या अब सुविधाजनक ढांचा हो, हर पहलू में किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले समय में जिलों के अन्य अनुविभाग में भी इसी प्रकार के रेस्ट हाऊस बनाए जाएंगे, ताकि हर अनुविभाग ,तहसील स्तर पर किसानों को यह सुविधा प्राप्त हो सके।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जिले के किसानों और श्रद्धालुओं के हित में राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कवर्धा के अलावा बोड़ला, सहसपुर लोहारा और भोरमदेव शक्कर कारखाने में भी बलराम सदन किसान रेस्ट हाउस का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अंचल से आने वाले किसानों को ठहरने की समुचित सुविधा मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि भारत दर्शन योजना के अंतर्गत भोरमदेव के लिए 146 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस योजना के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर सहित मड़वा महल, चेरकी महल और अन्य ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोरमदेव में छायादार शेडों का भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि अमरकंटक में 5 एकड़ भूमि प्राप्त हुई है, जिसमें छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए एक भव्य भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे अमरकंटक यात्रा के दौरान उन्हें उचित ठहरने की सुविधा मिल सके।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को लेकर कहा कि कबीरधाम जिला अब पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। अब तक 1500 से अधिक परिवारों का सफल पुनर्वास किया गया है और पुनर्वासित परिवारों की समुचित देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि कई गांवों में महतारी सदन का निर्माण कर विकसित की जा रही हैं। आवास योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बनने से पहले कोठार गांव से लेकर पूरे जिले में आवास की मांग को लेकर जनसंघर्ष हुआ था। सरकार बनने के बाद आवास को प्राथमिकता दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार बनते ही 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई, जिनमें से अधिकांश का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर में एक साथ 3 लाख आवासों का गृह प्रवेश कराया गया और अतिरिक्त 3 लाख आवासों की नई स्वीकृति भी प्रदान की गई, जो इस योजना की ऐतिहासिक सफलता को दर्शाता है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भवन का निर्माण इस सोच के साथ किया गया है कि जब किसान अपने कृषि, राजस्व, या अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए सरकारी कार्यालय आते है, तब उनके पास रुकने के लिए कोई सुरक्षित और स्वच्छ स्थान नहीं होता था। यह भवन किसानों के लिए विश्राम, रुकने और बैठने की समुचित व्यवस्था के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस सुविधा से अब ग्रामीण क्षेत्रों से तहसील या एसडीएम कार्यालय में आने वाले किसानों को खुले में भटकना नहीं पड़ेगा।

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प्रदेश के अन्य जिलों के किसानों के लिए मॉडल

बलराम सदन किसान रेस्ट हाऊस’ को न केवल कवर्धा बल्कि पूरे प्रदेश में किसान सुविधा केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। इस मॉडल को अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना बनाई जा रही है ताकि प्रदेश का हर किसान जहां कहीं भी जाए, उसे सुविधा, सम्मान और सहारा मिले।

किसानों ने उप मुख्यमंत्री का जताया आभार

बलराम सदन के लोकार्पण अवसर पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। ग्रामीण अंचलों से आए कृषकों ने इस पहल के लिए राज्य शासन, विशेषकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि लंबे समय से ऐसी सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी हो गई है। ‘बलराम सदन’ जैसे रेस्ट हाऊस ग्रामीण विकास और किसान कल्याण के लिए एक आदर्श मॉडल हैं। इससे किसानों को न केवल भौतिक सुविधा मिलेगी, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।










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