नई दिल्ली : प्रोटीन शरीर के लिए एक बहुत ही जरूरी पोषक तत्व है जो मांसपेशियों की मरम्मत, कोशिकाओं के निर्माण और शरीर के संपूर्ण विकास में मदद करता है। लेकिन अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करना कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। आजकल फिटनेस और वेट लॉस ट्रेंड्स के चलते लोग हाई-प्रोटीन डाइट का सेवन करने लगे हैं, जिसमें इसके दुष्प्रभावों को नजरअंदाज कर देते हैं।
अगर लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन किया जाए, तो यह शरीर के विभिन्न अंगों पर नेगेटिव असर डाल सकता है। यहां कुछ साइड इफेक्ट्स की जानकारी दी गई है, तो आइए जानते हैं ज़्यादा प्रोटीन खाने के कुछ साइड इफेक्ट्स के बारे में-
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - हम आपके हैं कौन बनते
किडनी पर दबाव
प्रोटीन का ज्यादा इनटेक किडनी पर एक्स्ट्रा दबाव डालता है, जिससे नाइट्रोजन और यूरिया का लेवल बढ़ सकता है। यह किडनी फंक्शन को प्रभावित कर सकता है, खासकर अगर पहले से किडनी से जुड़ी समस्या हो।
डिहाइड्रेशन की समस्या
ज्यादा प्रोटीन खाने से शरीर को ज्यादा मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है जिससे एक्स्ट्रा नाइट्रोजन को बाहर निकाला जा सके। पानी की कमी होने पर डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और थकान की समस्या हो सकती है।
डाइजेशन संबंधी दिक्कतें
हाई-प्रोटीन डाइट में फाइबर की मात्रा कम होती है, जिससे कब्ज, ब्लोटिंग और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से, जब एनिमल बेस्ड प्रोटीन का ज्यादा सेवन किया जाता है।
वजन बढ़ने का खतरा
ये बात और है कि प्रोटीन वजन घटाने में मदद करता है, लेकिन अगर ज्यादा मात्रा में कैलोरी के साथ लिया जाए तो यह फैट के रूप में स्टोर हो जाता है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है।
हार्ट डिजीज का जोखिम
ज्यादा मात्रा में रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट से प्रोटीन लेने पर शरीर में कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट बढ़ सकता है, जिससे हार्ट डिजीज़ और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है।
कैल्शियम की कमी और हड्डियों पर असर
ज्यादा प्रोटीन का सेवन शरीर में कैल्शियम की कमी का कारण बन सकता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।
लिवर पर प्रभाव
ज्यादा मात्रा में प्रोटीन सेवन से लिवर पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
मेटाबॉलिज्म असंतुलन
ज्यादा प्रोटीन से शरीर का मेटाबॉलिज्म असंतुलित हो सकता है, जिससे थकान और कमजोरी की समस्या हो सकती है।

Comments