मुंगेली: पूरे जिले में नवरात्रि का पर्व भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नगर की विभिन्न समितियों द्वारा मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। मंदिरों में ज्वारा व कलश रखे गए हैं, जिनके दर्शन करने के लिए नगरवासियों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पूरा नगर इन दिनों भक्ति और आस्था के रंग में रंगा हुआ है।लेकिन इस पावन अवसर पर नगर पालिका की लापरवाही लोगों के बीच आक्रोश का कारण बन रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर न तो उचित व्यवस्था की गई है और न ही बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दिया गया है। सबसे बड़ी समस्या नगर की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर व्याप्त अंधेरे की है। शहर के पुलपारा स्थित पुल और कमेटी हाल के पीछे बना पुल पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है। नगर के कई मुख्य मार्गों पर लगी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
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श्रद्धालु अंधेरे में देवी दर्शन के लिए मजबूर होकर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। अंधेरे के कारण आवागमन में दिक्कतें बढ़ गई हैं और किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका न केवल स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में विफल रही है, बल्कि जर्जर खंभों को अब तक चिन्हांकित करने की भी कोई पहल नहीं की गई है। कई जगह खंभे टूटे-फूटे हालत में खड़े हैं, जिन पर न लाइट लगी है और न ही मरम्मत का कोई काम किया गया है। इससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
नगरवासियों का कहना है कि नवरात्रि जैसे बड़े पर्व में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। जब पूरे नगर में रोशनी और सुरक्षा की विशेष जरूरत है, तब नगर पालिका की उदासीनता खटक रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि पालिका को तुरंत सक्रिय होकर प्रमुख मार्गों, मंदिरों और पुलों पर रोशनी की व्यवस्था करनी चाहिए तथा जर्जर खंभों को बदलने का कार्य शुरू करना चाहिए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो नागरिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि आस्था और विश्वास के इस पर्व पर प्रशासन की यह अनदेखी श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।
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जनता की मांग है कि तत्काल सभी बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू किया जाए, खंभों की मरम्मत या बदलने की कार्रवाई हो तथा प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, ताकि नवरात्रि का पर्व सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
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