अगर आपके पास खेत नहीं है या बड़ी बालकनी की सुविधा नहीं, तब भी आप अपने घर में केले का पेड़ आसानी से उगा सकते हैं. जी हां! अब बिना खेत और बिना बड़ी बालकनी के भी आप केले का पौधा घर पर उगा सकते हैं. केले का पेड़ स्वाद, सेहत और सजावट – तीनों का खजाना है. हर मौसम में मिलने वाला केला बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद होता है.
खास बात यह है कि इसे उगाना भी बेहद आसान है. इसके लिए आपको बस थोड़ी सी जगह, धूप और सही देखभाल करने की आवश्यकती है. इन चारों चीजों के होने से आपका खुद का 'केला गार्डन' तैयार कर पाएंगे. आइए केले गार्डन से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी जानते हैं....
गर्म और नम मौसम में बढ़िया होता है केला
केले का पौधा गर्म और अधिक नमी वाले मौसम में सबसे अच्छा बढ़ता है. इसे मार्च से जुलाई के बीच लगाना सबसे उचित रहता है. खासकर मानसून की शुरुआत का समय केले के लिए आदर्श माना जाता है.
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सूरज की रोशनी है जरूरी
केले के पौधे को दिन में कम से कम 6-8 घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए. अगर आप इसे गमले में उगा रहे हैं, तो गमले को ऐसे स्थान पर रखें जहां पर्याप्त धूप मिल सके.
कैसी हो मिट्टी?
केले की खेती के लिए दोमट या बलुई मिट्टी सबसे सही रहती है. मिट्टी में पानी का निकास अच्छा होना जरूरी है. इसमें आप गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट और थोड़ी रेत मिलाकर उपज को बेहतर बना सकते हैं.
कैसे लगाएं पौधा?
केले का पौधा आप नर्सरी से लाकर या सकर (छोटे पौधे) के जरिए लगा सकते हैं. जमीन में या बड़े गमले में 2x2 फीट का गड्ढा करें, उसमें जैविक खाद मिलाएं और पौधे को लगा दें. लगाने के तुरंत बाद पानी देना जरूरी होता है.
देखभाल कैसे करें?
गर्मियों में पौधे को नियमित पानी देना चाहिए. बारिश में इस बात का खास ध्यान रखें कि पानी जमा न हो. समय-समय पर आसपास की घास और खरपतवार को हटाना जरूरी है.
खाद और फल आने का समय
हर महीने पौधे को गोबर की खाद या नाइट्रोजन युक्त जैविक खाद देना चाहिए. इससे पौधे की ग्रोथ बेहतर होती है और फलों की गुणवत्ता भी बढ़ती है. आमतौर पर केले के पौधे में 9-12 महीने में फूल आते हैं और उसके 2-3 महीने बाद फल पक जाते हैं.



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