रायपुर : रायपुर के सूदखोर वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी मामले में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत ने अब यू-टर्न लिया है। बुधवार को रायगढ़ दौरे पर पहुंचे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर कहा कि हम तोमर बंधुओं की पैरवी करने के लिए नहीं आए हैं।सरकार लोगों को दिगभ्रमित कर रही है। अगर उन पर आरोप सिद्ध हो जाए तो उन्हें जेल में डाल दें। हमें कोई एतराज नहीं। हम उन माता-बहनों के लिए आए हैं, जिन पर पुलिस कस्टडी में अत्याचार हुआ है।
बता दें कि सूदखोर वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी और जुलूस निकालने को लेकर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत ने छत्तीसगढ़ पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। सोशल मीडिया पर लाइव आकर उन्होंने रायपुर को धमकी भी दी थी। इसके साथ ही उन्होंने 7 दिसंबर को रायपुर में महापंचायत करने का भी ऐलान किया है। इन दिनों वे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों का दौर कर क्षत्रियों को इस आयोजन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। राज सिंह शेखावत बुधवार को रायगढ़ जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
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छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था तार-तार
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था तार-तार हो गई है। पुलिस कर्मचारियों के द्वारा हमारे स्वाभिमान को कुचला जा रहा है। ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए महापंचायत का आयोजन करणी सेना करने जा रही है। आने वाले 7 तारीख को रायपुर में पूरे देश से समस्त क्षत्रिय समाज के लोग अपनी उपस्थिति दर्ज करें। इसी बात को लेकर वे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में गांव-गांव शहर-शहर में जाकर बैठकें ले रहे हैं। उन्हें चांवल देकर कार्यक्रम की जानकारी देते हुए महापंचायत में शामिल होने की अपील कर रहे हैं, ताकि 8 सूत्रीय मांगों को लेकर समाज मजबूती से सरकार के समक्ष अपना पक्ष रख सके। शेखावत ने वीरेंद्र तोमर मामले में पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस से जिस तरह से समाज की मां-बहन बेटियों के साथ बस चालू की है, उसे समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए समाज यह महापंचायत करने जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।
रायपुर पुलिस को दी थी अपनी गिरफ्तारी
बता दें कि राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई में शामिल पुलिसवालों और रायपुर एसएसपी के घर में घुसने की धमकी दी थी। शेखावत की धमकी के बाद मौदहापारा थाने में थानेदार योगेश कश्यप ने शिकायत दर्ज करवाई है। इस शिकायत में इंस्पेक्टर योगेश कश्यप ने आपराधिक धमकी, लोक सेवक को धमकाने और सम्मान को ठेस पहुंचाने का जिक्र किया था। इसके बाद वे रायपुर पहुंचे और पुलिस को अपनी गिरफ्तारी दी। मौदहापारा पुलिस ने औपचारिक कार्रवाई पूरी करने के बाद थाने से ही उन्हें जमानत दे दी थी।
कौन है सूदखोर वीरेंद्र तोमर
वीरेंद्र तोमर पर रंगदारी, सूदखोरी, धमकी और आर्म्सएक्ट के कई केस दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वह जरूरतमंद लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसे देता था और फिर रकम न लौटाने पर धमकी और मारपीट करता था। तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाने में उसके खिलाफ दर्ज केसों के बाद वह महीनों से फरार चल रहा था। तोमर को पकड़ने के लिए पुलिस टीम एमपी, यूपी और हरियाणा तक भेजी गई थी। कई हफ्तों की मोबाइल ट्रैकिंग और टॉवरडंप विश्लेषण के बाद आखिरकार ग्वालियर में उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया।



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