बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा धमाका हुआ है! पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का एक लंबे समय से छिपा हुआ बैंक लॉकर आखिरकार राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड (एनबीआर) की सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट के हाथ लग गया है।गुप्त सूचना के आधार पर ढाका के पबली बैंक, मोतीझील शाखा में स्थित लॉकर नंबर 128 को जब्त किया गया है, जो सीधे हसीना के नाम पर दर्ज था।
इस खबर ने पूरे देश में तहलका मचा दिया है, क्योंकि हर कोई जानना चाहता है कि इस रहस्यमयी लॉकर के अंदर क्या छिपा है। एनबीआर को हसीना के दो बैंक खातों से कुल 56 लाख टका की रकम भी मिली है। यह कार्रवाई पिछले साल अवामी लीग सरकार के पतन और हसीना पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की व्यापक जांच का हिस्सा है, जिससे बांग्लादेश की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावना है।
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लॉकर और खातों से मिली बड़ी रकम
एनबीआर सूत्रों के मुताबिक, पबली बैंक की मोतीझील शाखा में शेख हसीना के नाम पर दो बैंक खाते भी मिले हैं। इनमें से एक खाते में 12 लाख टका की फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (FDR) मिली है, जबकि दूसरे खाते में 44 लाख टका नकद जमा थे। इस तरह, कर अधिकारियों को कुल मिलाकर 56 लाख टका की रकम हाथ लगी है, जिसे व्यापक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
शेख हसीना के दो लॉकरों से 832 भरि सोने के गहने बरामद
निष्कासित प्रधान मंत्री शेख हसीना से संबंधित दो लॉकरों से कुल 832 भरि सोने के गहने बरामद किए गए हैं। अग्रानी बैंक में रखे इन लॉकरों को पहले जब्त कर लिया गया था। मंगलवार को अदालत की अनुमति से एक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में इन्हें खोला गया।
अवामी लीग सरकार के पतन के बाद जांच
पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद अवामी लीग की सरकार गिर गई थी, जिसके परिणामस्वरूप शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ दिया। इसके बाद अंतरिम सरकार ने सत्ता संभाली और तुरंत शेख हसीना व उनके परिवार पर कर चोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू कर दी। इसी जांच के तहत एनबीआर ने अब इस गुप्त लॉकर को जब्त किया है। बताया जा रहा है कि यह जांच व्यापक स्तर पर चल रही है और अधिकारियों द्वारा अन्य बैंकों में भी उनकी संपत्तियों की तलाश की जा रही है, जो भविष्य में और खुलासे कर सकती है।



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