सुकमा : कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन और सतत मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन की सकारात्मक पहल के तहत पुनर्वास केंद्र सुकमा में आत्मसमर्पित नक्सलियों के आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए का रहे हैं जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
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पुनर्वास केंद्र में रहने वाले लोगों का अब तक 90 राशन कार्ड, 94 जॉब कार्ड, 55 आधार कार्ड तैयार किए गए हैं, साथ ही 50 नए बैंक खातों के लिए फॉर्म भरे गए। दस्तावेज़ बनाने की यह प्रक्रिया आत्मसमर्पित युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। इन युवाओं को शिक्षित और सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने पुनर्वास केंद्र में प्रतिदिन शिक्षा हेतु दो शिक्षकों की ड्यूटी भी नियत कर दी है, जिससे उनकी शैक्षिक और बौद्धिक वृद्धि सुनिश्चित हो सके। जिला प्रशासन ने हाल ही में आत्मसमर्पित नक्सलियों की जेल में बंद परिजनों से मुलाकात भी कराई, जिसने उनके मनोबल को बढ़ाया और समाज में पुनः लौटने की प्रक्रिया को और सशक्त किया।
कलेक्टर देवेश ध्रुव के नेतृत्व में जिला प्रशासन हर स्तर पर प्रयासरत है कि आत्मसमर्पित नक्सली सम्मानजनक जीवन जी सकें और अपने भविष्य का नया अध्याय लिख सकें। प्रशासन की यह पहल सुकमा जिले में शांति स्थापना और सामाजिक समावेश का एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।



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