नई दिल्ली : भारत में कारें अब सिर्फ सफर का साधन नहीं रहीं ये आज लक्जरी, पहचान और स्टेटस का प्रतीक बन चुकी हैं। बदलते समय के साथ एक और ट्रेंड तेजी से बढ़ा हैलफैंसी नंबर प्लेट का क्रेज। हरियाणा में हुई हालिया ऑनलाइन नीलामी ने इस ट्रेंड को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया, जहां HR88B8888 नंबर प्लेट ने 1.17 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ बोली हासिल की। यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि अब तक का सबसे महंगा नंबर प्लेट बन चुका है। आखिर इतनी बड़ी बोली के पीछे क्या वजह थी? और खरीदार को इसके लिए कितना टैक्स चुकाना पड़ेगा? आइए पूरे मामले को विस्तार में समझते हैं।
HR88B8888 क्यों बना सबसे चर्चित नंबर?
हरियाणा सरकार हर सप्ताह खास नंबरों की ऑनलाइन नीलामी करती है। इसी हफ्ते HR88B8888 नंबर ने सबका ध्यान खींच लिया। इस एक नंबर के लिए 45 लोगों ने आवेदन किया। बोली 50,000 रुपये से शुरू हुई और बढ़ते-बढ़ते 1.17 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सिर्फ दोपहर 12 बजे तक बोली 88 लाख रुपये छू चुकी थी। यह बोली पिछले सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ गई। पिछले हफ्ते बिके HR22W2222 नंबर को 37.91 लाख रुपये मिले थे यानी नया नंबर उससे तीन गुना ज्यादा में बिक गया।
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इस नंबर की खासियत क्या है?
नंबर को चार हिस्सों में समझें:
लेकिन कहानी सिर्फ यहां खत्म नहीं होती। अक्षर B का आकार देखने में 8 जैसा लगता है। इस तरह पूरा नंबर HR 88 B 8888 नजर में आते ही लगातार आठों की श्रृंखला जैसा दिखता है। यही विजुअल अपील इसे बेहद यूनिक बनाती है और लोग इसके लिए लाखों नहीं, करोड़ों तक खर्च करने को तैयार हो जाते हैं।
1.17 करोड़ के साथ कितना टैक्स?
सरकार फैंसी नंबरों को लक्जरी आइटम की कैटेगरी में लाने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के तहत इसकी नीलामी राशि पर 28% GST लगाया जा सकता है।
अगर यह नियम लागू होता है, तो 1.17 करोड़ × 28% = 32.76 लाख रुपये GST
यानि सिर्फ टैक्स में ही 30 लाख रुपये से ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं। अभी कई राज्यों में 18% GST लागू है, लेकिन टैक्स नियम हर जगह अलग-अलग हैं। इसे एक समान बनाने के लिए केंद्र सरकार नई नीति तैयार कर रही है।
नहीं लगा सकते बिना अनुमति के फैंसी नंबर?
सरकार ने यह भी साफ किया है कि नीलामी के बिना फैंसी नंबर को अपने वाहन पर लगाना पूरी तरह अवैध है। ऐसा करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यानि यूनिक दिखने के चक्कर में मनमर्जी नंबर लगाना अब सीधा कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
इतनी महंगी बोली किसने लगाई?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1.17 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाले हिसार के ट्रांसपोर्टर सुधीर कुमार हैं। नंबर कुंडली (सोनीपत) RTO का है और वहीं इसका रजिस्ट्रेशन होगा। हालांकि सुधीर कुमार ने कहा है कि वे इस नंबर को खरीदने पर पुनर्विचार करेंगे क्योंकि कीमत उम्मीद से कहीं अधिक बढ़ गई।
फैंसी नंबर के लिए आने वाला खर्च
वैसे तो किसी भी VIP नंबर के लिए आपको कितनी रकम खर्च करनी पड़ेगी, इसका पता लगा पाना संभव नहीं है। हम यहां पर आपको अंदाजे से बता रहे हैं कि अगर आप 0100, 0111, 0222, 0333, 0444, 0555, 0666, 0777, 0888, 1111, 2222, 3333, 4444, 5555, 6666, 8888 जैसा कोई नंबर लेते हैं, तो आपको 10 हजार रुपये तक का एक्स्ट्रा खर्च करना पड़ सकता है। वहीं, तो कई नंबर के लिए लोग लाखों रुपये तक खर्च करते है।
फैंसी नंबर के लिए बोली लगाने का तरीका



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