रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में विद्युत विभाग इन दिनों बकाया वसूली के लिए सख्त मोड में है। आम उपभोक्ताओं पर बढ़ते लंबित बिलों को देखते हुए विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। वर्तमान में जिले के 27,899 उपभोक्ताओं पर कुल 60 करोड़ 57 लाख रुपए का बकाया दर्ज है। हाफ बिजली बिल योजना बंद होने के बाद से बकायादारों की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है, जिसके चलते विभाग की टीमें रोजाना इलाके-इलाके में पहुंचकर वसूली की कोशिश कर रही हैं।
60 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया
वसूली के लिए विभाग ने 10 से 12 टीमों को प्रतिदिन फील्ड में भेजा है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी राशि की रिकवरी में खास प्रगति नजर नहीं आ रही है। बकाया सूची इतनी लंबी हो चुकी है कि विभाग अब श्रेणीवार बड़े बकायादारों पर विशेष फोकस कर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक जिले में 93 उपभोक्ता ऐसे हैं जिन पर एक लाख से अधिक का बकाया है, जिनसे 1 करोड़ 33 लाख रुपए वसूले जाने हैं।
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इसके अलावा 1,453 उपभोक्ता 50 हजार से 1 लाख तक बकाया रखते हैं, जिन पर 9 करोड़ 31 लाख रुपए बकाया है। सबसे बड़ी संख्या उन उपभोक्ताओं की है जिनके ऊपर 20 हजार से 50 हजार तक का बकाया दर्ज है—ऐसे 8,353 उपभोक्ताओं पर 24 करोड़ 54 लाख रुपए की देनदारी है।
वहीं 18 हजार उपभोक्ता दो हजार से 20 हजार रुपए तक के बकायेदार हैं, जिनसे विभाग को लगभग 25 करोड़ रुपए वसूलने हैं। कुल मिलाकर विभाग को 27,899 उपभोक्ताओं से 60 करोड़ से अधिक की रकम की रिकवरी करनी है। विभाग लगातार लोगों को समय पर बिल जमा करने की सलाह दे रहा है, ताकि ब्याज न बढ़े और उनकी अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचत हो सके।
बड़े बकायादारों पर सख्त कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभियान के तहत टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जो उपभोक्ता बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी बिल जमा नहीं कर रहे, उनके कनेक्शन तत्काल काटे जाएं। रोजाना दर्जनभर से ज्यादा कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को यह भी जानकारी दी जा रही है कि कनेक्शन काटने व दोबारा जोड़ने की फीस भी उन्हें ही भरनी होगी। इसलिए समय पर बिल जमा करना ही उनके लिए आर्थिक रूप से बेहतर विकल्प है।



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