खबर का असर : तीन माह की जद्दोजहद के बाद आखिरकार हुआ फूल बाई का एग्रीस्टेक पंजीयन

खबर का असर : तीन माह की जद्दोजहद के बाद आखिरकार हुआ फूल बाई का एग्रीस्टेक पंजीयन

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : छत्तीसगढ़ डॉट कॉम में प्रकाशित खबर का बड़ा असर हुआ है। गरियाबंद जिले के भरूवामुड़ा की महिला कृषक फूल बाई मरकाम, जिनकी लगभग 17 एकड़ जमीन का एग्रीस्टेक पंजीयन किसी अन्य किसान के नाम पर दर्ज हो गया था, अब आखिरकार राहत की सांस ले सकेंगी। लगातार तीन महीनों से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा रही फूल बाई का एग्रीस्टेक पंजीयन प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुधार कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कनसिंघी के किसान उज्जवल दास मानिकपुरी के नाम पर गलती से फूल बाई की भूमि एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीकृत हो गई थी। इस त्रुटि के कारण फूल बाई अपनी ही जमीन पर धान बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पा रही थीं, जिससे उन्हें गहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

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महिला किसान की इस गंभीर समस्या को छत्तीसगढ़ डॉट कॉम ने शुक्रवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर सामने आने के बाद छुरा तहसीलदार ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच कराई और पंजीयन में हुई गलती को सुधारते हुए वास्तविक जमीनधारी फूल बाई मरकाम के नाम एग्रीस्टेक पंजीयन कर दिया।

पंजीयन पूर्ण होने के बाद फूल बाई मरकाम के चेहरे पर खुशी झलक उठी। उन्होंने कहा, “अब मैं धान बेच पाऊंगी। मीडिया और प्रशासन ने मेरी परेशानी दूर कर दी, इसके लिए मैं धन्यवाद देती हूं।”

स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और मीडिया की भूमिका की सराहना की है। एग्रीस्टेक पंजीयन में आ रही लगातार समस्याओं के बीच यह मामला एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में सामने आया है कि मीडिया की आवाज और प्रशासन की तत्परता मिलकर जनहित के कार्यों को कैसे गति दे सकती है।









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