रायपुर : राजधानी रायपुर में मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना सामने आई है। काली माता वार्ड में एक महिला द्वारा बीएलओ को गाली-गलौज कर मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना आज दोपहर की बताई जा रही है, जहां महिला ने एसआईआर फॉर्म समय पर घर न पहुंचाने पर बीएलओ के साथ अभद्र बर्ताव किया।
जानकारी के अनुसार, महिला बीएलओ से फॉर्म घर तक पहुंचाने की मांग कर रही थी, लेकिन फॉर्म मिलने में हल्की देरी होने पर वह गुस्से में आ गई और उसने बीएलओ को धक्का देकर मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में महिला को लगातार अपशब्द बोलते और हाथापाई करते देखा जा सकता है। इस घटना से वार्ड के स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है और लोग महिला के व्यवहार की निंदा कर रहे हैं। बताया गया कि यह विवाद एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) फॉर्म को लेकर हुआ है, जिसे लेकर कई जगहों पर शिकायतें सामने आ रही हैं। बीएलओ के साथ मारपीट को लेकर प्रशासनिक कर्मचारियों में भी नाराजगी है और सुरक्षा की मांग फिर से उठने लगी है।
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इससे पहले भी रायपुर में बीएलओ अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ दिनों पहले महंत लक्ष्मी नारायण वार्ड में एसआईआर सर्वे के दौरान एक बीएलओ महिला अधिकारी ने भाजपा पार्षद पर धमकी देने का आरोप लगाया था। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें बीएलओ अधिकारी फोन पर अपने वरिष्ठ अधिकारी से रोते हुए शिकायत करती दिखाई दी थीं। वीडियो में महिला बीएलओ यह कहती सुनाई दी थी कि पार्षद ने उनसे पूछा- “आप कांग्रेस के बीएलए के साथ क्यों घूम रही हैं? भाजपा बीएलए के साथ क्यों नहीं?” आरोप है कि इसके बाद पार्षद ने उन्हें धमकी दी और कहा कि वह इस मामले की शिकायत विधायक से करेंगे। बीएलओ ने यह भी बताया था कि पार्षद ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया और उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
महिला अधिकारी का आरोप था कि पार्षद ने फोन पर भी उन्हें डांटते हुए कहा कि वे किससे पूछकर सर्वे कर रही हैं, और क्यों कांग्रेस के बीएलए के साथ काम कर रही हैं। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर मतदाता विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के दौरान फील्ड में तैनात बीएलओ की सुरक्षा और कार्य स्थितियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार न केवल सरकारी कार्यों में बाधा है, बल्कि फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करता है। स्थानीय लोग और निर्वाचन कर्मी मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि बीएलओ सुरक्षित माहौल में अपना कार्य कर सकें और निर्वाचन प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रह सके।



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