आज के समय में सब्जियों की खेती किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बन चुकी है. इसे नकदी फसल माना जाता है, क्योंकि कम लागत में भी इससे अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. गाजर ऐसी ही फसल है, जिसकी बाजार में हमेशा अच्छी मांग रहती है. गाजर का इस्तेमाल सिर्फ सब्जी के रूप में ही नहीं बल्कि अचार और अन्य उत्पादों में भी होता है. इसकी बहुमुखी उपयोगिता के कारण बाजार में हमेशा अच्छे दाम मिलते हैं, जिससे किसान को बेहतर आय होती है. यही कारण है कि गाजर की अगेती खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है.
जनपद बाराबंकी के सहेलियां गांव के किसान दाता राम ने भी पारंपरिक फसलों को छोड़कर गाजर की खेती शुरू की, जिससे उन्हें अच्छे मुनाफे का अनुभव हुआ. वर्तमान में वह लगभग आधे एकड़ में गाजर की खेती कर रहे हैं और प्रति फसल 60 से 70 हजार रुपए तक मुनाफा कमा रहे हैं.
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - पूर्व मुखिया के पुराग्रह वाले दंभी बोल
किसान कमा रहें अच्छा मुनाफा
किसान दाता राम ने बताया कि पहले वे पारंपरिक फसलें उगाते थे, लेकिन लाभ बहुत कम मिलता था. इसके बाद उन्होंने गाजर की खेती शुरू की, जिसमें उन्हें अच्छा मुनाफा मिला. अब उनके पास आधा एकड़ खेत गाजर से भरा है, जिसमें लागत लगभग 5 हजार रुपये आती है और मुनाफा 60 से 70 हजार रुपए तक होता है. सर्दियों की शुरुआत में गाजर की मांग बढ़ जाती है, जिससे इसका रेट भी अच्छा मिलता है. इस खेती की लागत बहुत कम है और मुनाफा अधिक है.
बेहद आसान है गाजर की खेती
गाजर की खेती करना आसान है. पहले खेत की गहरी जुताई की जाती है और डीएपी व गोबर की खाद डालकर मिट्टी तैयार की जाती है. इसके बाद बीज बोए जाते हैं और पौधा निकलने के बाद सिंचाई की जाती है. बुवाई के ढाई से तीन महीने के भीतर फसल तैयार हो जाती है, जिसे किसान प्रतिदिन बाजार में बेच सकते हैं. गाजर की अगेती खेती किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी और आसान विकल्प साबित हो रही है.



Comments