नई दिल्ली : महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं में चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सभी पार्टियों के गठबंधन, सीटें और उम्मीदवार तय हो चुके हैं। 15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को वोटों की गिनती की जाएगी।लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब शहरी सत्ता पर कब्जे की लड़ाई चल रही है। क्योंकि यह चुनाव सिर्फ स्थानीय सत्ता का फैसला नहीं करेंगे, बल्कि यह तय करेंगे कि 2029 की राजनीति की दिशा क्या होगी।राज्य में एक ओर जहां, महायुति (भाजपा–शिवसेना शिंदे गुट–राष्ट्रवादी अजित पवार) पूरी ताकत के साथ मैदान मे है, तो दूसरी तरफ महाविकास आघाड़ी (कांग्रेस–शिवसेना उद्धव गुट–राष्ट्रवादी शरद पवार) भी शहर की सरकार बनाने के लिए पूरी मजबूती के साथ उतरी है। इसके अलावा इसके अलावा मनसे, AIMIM, वंचित बहुजन आघाड़ी और कई स्थानीय पार्टियां भी चुनाव मैदान में है।
महाराष्ट्र के राजनीति का नैरेटिव
महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव में सबकी निगाहें 227 सीटों वाली देश की सबसे अमीर महानगरपालिका मुंबई पर है। यहां का मुकाबला भी सबसे दिलचस्प है। क्योंकि, मुंबई का चुनाव परिणाम ही पूरे महाराष्ट्र के राजनीतिक नैरेटिव को तय करेगा। मुंबई की राजनीति में उत्तर भारतीय वोट बैंक को हमेशा से महत्वपूर्ण माना गया है। इसलिए सभी प्रमुख दल इन वोटरों को साधने में जुटे हैं।
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ठाणे और कल्याण-डोंबिवली
ठाणे शुरू से ही शिंदे गुट का गढ़ रहा है, जबकि कल्याण-डोंबिवली शिवसेना और भाजपा का गढ़ रहा है। इस बार यहां UBT-मनसे गठबंधन ने सीधी चुनौती दी है।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड
पश्चिम महाराष्ट्र की पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिकाएं भाजपा का गढ़ मानी जाती हैं। पुणे में भाजपा सभी 165 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारी है। वहीं, पिंपरी-चिंचवड में भाजपा बनाम राष्ट्रवादी की सीधी लड़ाई देखने को मिल रही है।
नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर
151 सीटों वाला नागपुर भाजपा का अभेद्य किला माना जाता है। लेकिन इस बार कांग्रेस और राष्ट्रवादी शरद पवार गुट ने भी मजबूत प्रत्याशी उतारे हैं। छत्रपति संभाजीनगर से AIMIM इस बार मजबूत ताकत के रूप में उभरी है। यहां भाजपा, शिवसेना (दोनों गुट) और AIMIM के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।
अकोला, अमरावती, लातूर और नाशिक
इन तीनों जगहों पर वंचित बहुजन आघाड़ी, कांग्रेस और क्षेत्रीय दल का मुकाबला सीधे बीजेपी से है। अकोला में वंचित का प्रभाव सबसे अधिक है। वहीं, अगर बात करें नाशिक की तो यहां शिवसेना (UBT)–मनसे–कांग्रेस–NCP (SP) का संयुक्त प्रयोग बसे अधिक चर्चा में है।
मुस्लिम बहुल महानगरपालिकाएं
वहीं, मुस्लिम बहुल मालेगाव, भिवंडी, नांदेड और संभाजीनगर जैसे शहरों में AIMIM, समाजवादी पार्टी और स्थानीय पार्टियों का दबदबा रहा है। मालेगाव में AIMIM सबसे मजबूत स्थिति में मानी जा रही है।
इसके अलावा कोल्हापुर, इचलकरंजी, अमरावती और अहिल्यानगर में स्थानी पार्टियां और निर्दलीय उम्मीदवार सत्ता का संतुलन तय कर सकते हैं। यहां चुनाव परिणाम के बाद गठबंधन की राजनीति देखने को मिल सकती है।
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गौरतलब है कि महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिका चुनाव में इस बार भाजपा शहरी इलाकों में अपनी पकड़ मजूबत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं, शिवसेना (UBT) मुंबई-ठाणे बेल्ट को बचाने के लिए पूरी कोशिश में हैं। इधर कांग्रेस विदर्भ और मराठवाड़ा में वापसी करने की कोशिश में है। इसके अलावा AIMIM और वंचित भी कई नगर निगमों में किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं।
कल्याण–डोंबिवली महानगरपालिका (कुल सीटें – 122)
निर्विरोध – 20 सीटें (भाजपा – 14, शिंदे शिवसेना – 6)
गठबंधन– भाजपा + शिवसेना
कांग्रेस + वंचित + राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार)
उल्हासनगर महानगरपालिका (कुल सीटें – 78)
शिवसेना (UBT) + मनसे + कांग्रेस
ठाणे महानगरपालिका (कुल सीटें – 131)
भाजपा + शिवसेना
शिवसेना (UBT) + मनसे + राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार)
भिवंडी–निजामपुर महानगरपालिका (कुल सीटें – 90)
निर्विरोध निर्वाचन – 6 सीटें
गठबंधन- भाजपा + शिवसेना
शिवसेना (UBT) + मनसे
पनवेल महानगरपालिका (कुल सीटें – 78)
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका (कुल सीटें – 115)
कोल्हापुर महानगरपालिका (कुल सीटें – 81)
महायुति
महाविकास आघाड़ी
राजर्षि शाहू विकास आघाड़ी
सोलापुर महानगरपालिका (कुल सीटें – 102)
अमरावती महानगरपालिका (कुल सीटें – 87)
कांग्रेस + शिवसेना (UBT)
राष्ट्रवादी (शरद पवार) – 14
भाजपा + राष्ट्रवादी कांग्रेस
महाविकास आघाड़ी
पिंपरी–चिंचवड महानगरपालिका (कुल सीटें – 128)
राष्ट्रवादी कांग्रेस + राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार)
परभणी महानगरपालिका (कुल सीटें – 65)
राष्ट्रवादी कांग्रेस + राष्ट्रवादी (शरद पवार)
कांग्रेस + शिवसेना (UBT)
लातूर महानगरपालिका (कुल सीटें – 70)
मालेगांव महानगरपालिका (कुल सीटें – 84)
नांदेड–वाघाळा महानगरपालिका (कुल सीटें – 81)
सांगली–मिरज–कुपवाड महानगरपालिका (कुल सीटें – 78)
जलगांव महानगरपालिका (कुल सीटें – 75)
अहिल्यानगर महानगरपालिका (कुल सीटें – 68)
धुले महानगरपालिका (कुल सीटें – 74)
जालना महानगरपालिका (कुल सीटें – 65)
इचलकरंजी महानगरपालिका (कुल सीटें – 65)

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