आजकल मशरूम की सब्जी की एक अजब ट्रेडिंग है. दरअसल, पहले लोग इसे खाने का तरीका और इसका फायदा नहीं जानते थे, जिस कारण इसकी जरूरत कम होती थी, लेकिन अब यह मशरूम इंसानों के लिए बहुत फायदाकारक हो गई है. अब अक्सर लोगों के घर में सप्ताह में एक दिन मशरूम की सब्जी जरूर बन रही है, जिससे अब मशरूम की खपत बढ़ती जा रही है.
वहीं, पूर्णिया जिले के बनमनखी के हमनगर कचहरी बलुवा के निवासी किसान शशि कुमार ने बताया कि इस बार उन्होंने अपनी खेत में बटन मशरूम का उत्पादन किया है. उन्होंने कहा कि अक्टूबर में इसको लगाया जाता है. जहां नवंबर माह में इसके एक्स्पोनेंट्स को डालकर पूरी तरह पॉलीबैग में तैयार किया जाता है. जिसका वजन लगभग 10 किलो होता है. इसकी खेती से किसान तगड़ी कमाई कर सकते हैं.
1500 स्क्वायर फीट में किसान ने की है खेती
किसान ने बताया कि आप साल भर इसका उत्पादन कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि आप इसकी अच्छी देख रेख में तगड़ा उत्पादन कर सकते हैं. हालांकि उन्होंने इसकी खेती के लिए 1500 स्क्वायर फीट में मशरूम का घर बनाया है. जहां 1000 पॉलीमर मशरूम तैयार किया है. यहां से रोजाना मशरूम निकल रहा है, जिससे उनकी तगड़ी कमाई भी हो रही है.
मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
किसान ने बताया कि पूर्णिया में सबसे ज्यादा बटन मशरूम का डिमांड है. इस मशरूम का स्वाद अक्सर लोगों को पसंद है. ऐसे में सप्ताह में लोग एक दिन मशरूम की सब्जी अवश्य बना रहे हैं. वहीं, डिमांड ज्यादा होने से होने से यह ₹200 से प्रति किलो बिक रही है, जिससे किसानों को मुनाफा भी हो रहा है. इसकी खेती भी करना आसान है.
जानें बटन मशरूम लगाने का तरीका
किसान ने बताया कि इसकी खेती लगाने के लिए थोड़ी सी कठिन है. हालांकि अगर कोई किसान लगाना चाहता है, उत्पादन करना चाहता है, कोई प्रशिक्षण लेना चाहता है तो बता दें कि बिहार सरकार की तरफ से मशरूम की खेती के लिए ट्रेनिंग दी जाती है. जहां पर यह प्रशिक्षण फ्री में दिया जाता है. बता दें कि इस किस्म के मशरूम का उत्पादन कोई भी कर सकता है. 45 दिनों बाद इसमें फलन आना शुरू हो जाता है, जिसे आप आसानी से बाजार में बेच सकते हैं. यह खेती कम लागत में किसानों को ज्यादा मुनाफा देने वाली है.
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