बिलासपुर : शराब (आबकारी) घोटाला मामले में आरोपी सौम्या चौरसिया की जमानत याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई। सौम्या चौरसिया, प्रवर्तन निदेशालय और एसीबी, तीनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। सभी दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है।
मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
सौम्या चौरसिया ने प्रवर्तन निदेशालय और एसीबी–आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में दो अलग-अलग जमानत याचिकाएँ दायर की थीं। सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के तहत हुई, जिसमें उच्च न्यायालय को दो सप्ताह के भीतर निर्णय देने को कहा गया था। इसी समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए अदालत ने विस्तृत बहस सुनी।
उल्लेखनीय है कि सौम्या चौरसिया को पहले कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दी थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध शाखा ने आबकारी घोटाले में उनकी गिरफ्तारी की।अब सभी पक्षों की नजर उच्च न्यायालय के फैसले पर है, जो यह तय करेगा कि आबकारी घोटाले में उन्हें राहत मिलती है या नहीं। अदालत का आदेश आने के बाद मामले की अगली कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।
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