नवजीवन की ओर बढ़ते कदम: पुनर्वास नीति से बदली तक़दीर, बदली तस्वीर,कलेक्टर-एसपी ने पुनर्वास केंद्र में किया स्मार्टफोन वितरित

नवजीवन की ओर बढ़ते कदम: पुनर्वास नीति से बदली तक़दीर, बदली तस्वीर,कलेक्टर-एसपी ने पुनर्वास केंद्र में किया स्मार्टफोन वितरित

सुकमा:  छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय, संवेदनशील एवं दूरदर्शी पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशन में जिला प्रशासन ने पुनर्वास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की ठोस पहल की है। जिला मुख्यालय सुकमा स्थित नक्सल पुनर्वास केंद्र में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में 70 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अत्याधुनिक 5जी स्मार्टफोन एवं 31 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित की गई। यह कार्यक्रम कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण एवं जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान अधिकारियों ने पुनर्वासित युवाओं से संवाद स्थापित किया। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्थायी आजीविका से जुड़ा हुआ है। इसी सोच के अनुरूप 70 पुनर्वासित युवाओं को सैमसंग गैलेक्सी A06 5G स्मार्टफोन चार्जर सहित प्रदान किए गए। 50 मेगापिक्सल डुअल कैमरा एवं 5000mAh फास्ट चार्जिंग बैटरी जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस ये स्मार्टफोन युवाओं को डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन प्रशिक्षण, कौशल विकास और शासकीय योजनाओं की जानकारी से सीधे जोड़ेंगे। साथ ही 31 युवाओं को मेसन किट उपलब्ध कराकर उन्हें निर्माण कार्यों में रोजगार और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया गया है।

कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि हमारा प्रयास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन युवाओं को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। पुनर्वास केंद्र के माध्यम से हम उन्हें कौशल, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में मजबूती से आगे बढ़ सकें। प्रशासन हर कदम पर उनके साथ है और उन्हें एक सुरक्षित, स्थायी एवं उज्ज्वल भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है 

प्रतापगिरी, तोंगपाल निवासी भीमा ने बताया कि लगभग 15 वर्षों तक नक्सल संगठन से जुड़े रहने के बाद पुनर्वास का निर्णय उनके जीवन का सबसे बेहतर निर्णय साबित हुआ। उन्होंने कहा कि यहाँ उन्हें बेहतर आवास, भोजन और प्रशिक्षण की सुविधा मिल रही है तथा वे राजमिस्त्री का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं। आज मुझे 5जी मोबाइल भी दिया गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बेहतर पुनर्वास नीति लागू करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद दिया। सिंघनपारा, बड़े सेट्टी निवासी श्री बुधरा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जंगल के कठिन जीवन की तुलना में पुनर्वास केंद्र का जीवन कहीं अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा मोबाइल, मेसन किट के साथ-साथ आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और जॉब कार्ड भी बनवाए गए हैं तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तुरंत संज्ञान लेते हैं।

स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ शासन की यह पुनर्वास नीति केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और सामाजिक समरसता की सशक्त मिसाल बनकर उभर रही है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर सुश्री मधु तेता, डीएसपी सुश्री मोनिका श्याम, पुनर्वास केंद्र के नोडल अधिकारी कैलाश कश्यप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments