टी20 विश्व कप 2026 :क्यों असंभव लग रहा मिशन सेमीफाइनल? जानिए पॉइंट्स टेबल के वो 3 कड़वे सच

टी20 विश्व कप 2026 :क्यों असंभव लग रहा मिशन सेमीफाइनल? जानिए पॉइंट्स टेबल के वो 3 कड़वे सच

 जिस बात का डर था, वही होता दिख रहा है. टी20 विश्व कप 2026 में जिस मेजबान टीम इंडिया को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, उसकी हालत खराब हो चुकी है.सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में ग्रुप स्टेज में अजेय रहने वाली भारतीय टीम के लिए अब सेमीफाइनल की डगर किसी 'असंभव मिशन' जैसी नजर आ रही है. ये सब कुछ एक हार की वजह से हुआ. वो हार सुपर-8 के पहले ही मुकाबले में मिली थी, जब दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया को 76 रनों से पीटा था. ये सिर्फ एक हार नहीं बल्कि शर्मनाक शिकस्त साबित हुई, जिसने न केवल करोड़ों फैंस का दिल तोड़ा है, बल्कि पॉइंट्स टेबल में भारत के नेट रन रेट को पाताल में भेज दिया.

टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया के 5 मैचों के बाद मैदान पर खिलाड़ियों का फीका प्रदर्शन और कागजों पर उलझते जादुई समीकरण चीख-चीख कर कह रहे हैं कि शायद इस बार 'विश्व विजेता' बनने का सपना अधूरा रह जाएगा. 2024 में रोहित शर्मा ने 17 साल बाद भारत को खिताब जिताकर जो खुशी दी थी, शायद वो खुशी इस बार भारत की झोली में ना आए, क्योंकि सूर्या ब्रिगेड फंसी हुई है. समीकरण कह रहे हैं कि सेमीफाइनल में पहुंचने की चाबी अब पूरी तरह से टीम इंडिया के हाथ में नहीं रही, अब वो दुआओं और दूसरों के भरोसे हो चुकी है.

यहां हम आपको बता रहे हैं कि आखिर क्यों टूर्नामेंट के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक भारत अब नॉकआउट की रेस से बाहर होने की कगार पर खड़ा है? आइए प्वाइंट्स टेबल के उन 3 कड़वे सच को जान लेते हैं, जो टीम इंडिया के सेमीफाइनल के रास्ते में 'दीवार' की तरह हैं.

1. नेट रन रेट का 'पाताल' में गिरना (-3.800)

क्रिकेट एक ऐसा मजेदार खेल है, जिसमें एक गेंद और एक रन सब कुछ बदल देता है. इस खेल में हार-जीत से ज्यादा कभी-कभी हार का अंतर मायने रखता है. इस बार जब टीम इंडिया को सुपर 8 के पहले ही मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों से हार मिली तो उसका नेट रन रेट (NRR) -3.800 पर पहुंच गया है. यही उसके लिए सबसे बड़ी टेंशन बना हुआ है.

ग्रुप-1 में वेस्टइंडीज (+5.350) और दक्षिण अफ्रीका (+3.800) शानदार नेट रन रेट के साथ नंबर 1 और नंबर 2 पर काबिज हैं. दोनों एक-एक मैच जीत चुके हैं. इन दोनों ही टीमों का रन रेट इतना जबरदस्त है कि भारत अगर अपने अगले दो मैच जीत भी लेता है, तो भी रन रेट के मामले में उन्हें पछाड़ना लगभग नामुमकिन है.

मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है 

अब मान लीजिए कि अगर टीम इंडिया बचे हुए दोनों मैच जीत गई तो उसके अधिकतम 4 अंक होंगे, जबकि अफ्रीका और वेस्टइंडीज बचे हुए 2-2 मैचों में से एक-एक मुकाबला हार गईं तो उनके पास भी 4-4 अंक होंगे. इस स्थिति में नेट रन रेट के आधार पर फैसला होगा और टीम इंडिया इस जंग में शायद हार जाएगी, क्योंकि उसका नेट रन रेट फिलहाल माइनस में -3.800 है. इसे प्लस में लाने के लिए उसे जिम्बाब्वे और विंडीज के खिलाफ चमत्कारिक जीत चाहिए होंगी, जो उस सपने की तरह लग रही हैं, जिसके सच होने की कोई गारंटी नहीं है.

2. ग्रुप-1 के 'ट्रैप' में फंसी टीम इंडिया

टी20 विश्व कप 2026 में सुपर 8 का ग्रुप-1 इस वक्त 'ग्रुप ऑफ डेथ' बन चुका है, क्योंकि वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका शानदार नेट रन रेट के साथ नंबर 1 और नंबर 2 पर काबिज हैं. दोनों एक-एक मैच जीत चुकी हैं, जबकि टीम इंडिया के पास एक भी अंक नहीं है. टीम इंडिया को सुपर 8 में अभी दो मैच खेलने हैं. उसके सामने बचे हुए दोनों मैच जीतने की चुनौती तो है ही, साथ ही यह दुआ भी करनी है कि साउथ अफ्रीका विंडीज को अगले मैच में हरा दे, अगर अफ्रीका जीत गई तो फिर अगले मैच में जिम्बाब्वे की टीम प्रोटियाज को मात दे दे. मतलब कई तरह के गठजोड़.

एक समीकरण ये कहता है कि अगर अफ्रीका और वेस्टइंडीज अपने बचे हुए दोनों मैचों में से एक-एक मैच भी जीत लें तो टीम इंडिया अपने दम पर क्वालिफाई करने की स्थिति में नहीं रहेगी. अब सूर्या ब्रिगेड की किस्मत अपनी जीत से ज्यादा दूसरों की हार पर टिकी है. क्रिकेट में होने को तो कुछ भी हो सकता है, लेकिन इसकी क्या गारंटी है कि टीम इंडिया अपने बचे हुए दोनों मैच बड़े अंतर से जीते और जो वह चाहती है, वो समीकरण भी सच हो जाएं. इतने तामझाम एक साथ सच हो जाएं, यह एक सपने की तरह लगता है.

3. बल्लेबाजों ने बढ़ाई टेंशन

टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया में कप्तान सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे और ईशान किशन को छोड़ दें तो दूसरा कोई भी ऐसा बल्लेबाज नहीं दिखा, जिसने अपनी बैटिंग से तबाही टाइप प्रदर्शन किया हो. टीम इंडिया की तरफ से एक भी शतक नहीं निकला, जबकि इस एडिशन में हैरी ब्रूक, पाथुम निसंका और साहिबजादा फरहान जैसे खिलाड़ी शतक लगा चुके हैं. हमारा टॉप ऑर्डर लगभग हर मैच में फेल रहा है. अभिषेक शर्मा के बल्ले को जंग सी लग चुकी है. पहले तीन मैचों में उनका खाता नहीं खुला था, चौथे मैच में जैसे तैसे खाता खुला तो पारी 15 रनों से आगे नहीं गई.

इस एडिशन में टीम कप्तान सूर्या और शिवम दुबे पर जरूरत से ज्यादा निर्भर दिख रही है. बाकी तिलक वर्मा 25-25 रनों के साथ संघर्ष करते नजर आए हैं. यही हाल बॉलिंग डिपार्टमेंट का रहा है. जसप्रीत बुमराह और वरुण को छोड़कर कोई भी गेंदबाज विपक्षी टीमों में खौफ पैदा नहीं कर पा रहा है. ये वही कड़वा सच है, जो सबको साफ तौर पर नजर आ रहा है. सुपर 8 के पहले ही मुकाबले में टीम इंडिया 188 रनों का पीछा करते हुए 111 रनों पर सिमट गई. वह संभलकर खेलती तो जीत के करीब जा सकती थी, जिससे नेट रन रेट इतना खराब ना होता. यही वजह रही कि टीम इंडिया अब सेमीफाइनल की रेस से बाहर होने की कगार पर है. ये ही कड़वे सच हैं, जिन्होंने ना सिर्फ टीम बल्कि पूरे हिंदुस्तान की नींद उड़ा रखी है.








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