रेगिस्तान के बीच चमकते बुर्ज खलीफा की रोशनी और आलीशान सुपरमार्केट्स की चमक पर अब युद्ध के काले बादलों का साया मंडराने लगा है. पश्चिम एशिया के सुलगते मैदानों से उठी बारूद की गंध अब दुबई की रसोई तक पहुंच चुकी है.
दुनिया को यह जानकर हैरानी हो सकती है कि जिस शहर में सुख-सुविधाओं का अंबार है वहां अब ताजा खाने की घड़ी टिक-टिक कर रही है. लॉजिस्टिक्स दिग्गजों की चेतावनी ने खाड़ी देशों में खलबली मचा दी है. दुबई के पास ताजा फल, सब्जियां और डेयरी उत्पादों का भंडार अब महज 10 दिनों की लाइफलाइन पर टिका है. क्या समंदर की लहरों पर थमी जहाजों की रफ्तार और बंद होते हवाई मार्ग इस चमकते शहर को एक अनचाहे संकट की ओर धकेल रहे हैं?
पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध ने अब आम नागरिकों की रसद और वैश्विक सप्लाई चेन पर गहरा प्रहार करना शुरू कर दिया है. ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, खाड़ी के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र दुबई के पास ताजा खाद्य सामग्री का भंडार अब केवल 10 दिनों का बचा हो सकता है. यह चेतावनी वैश्विक लॉजिस्टिक्स दिग्गज कंपनी Kühne+Nagel के मुख्य कार्यकारी स्टीफन पॉल ने दी है.
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बाकी मिडिल ईस्ट का कैसा है हाल?
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने केवल दुबई ही नहीं बल्कि पूरे मिडिल-ईस्ट की खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है. खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों की 70 प्रतिशत खाद्य आपूर्ति हर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है जो फिलहाल वाणिज्यिक यातायात के लिए बंद है. हवाई मार्ग से होने वाली कार्गो क्षमता में भी 22 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इस क्षेत्र के देश अपनी जरूरतों का 80-90 प्रतिशत भोजन आयात करते हैं, जिससे सप्लाई चेन टूटने का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र के सुपरमार्केट में खाली होती अलमारियों के रूप में दिख सकता है.
सप्लाई चेन टूटने की मुख्य वजहें
दुबई सहित अन्य खाड़ी देश अपनी खाद्य जरूरतों के लिए 80 से 90 प्रतिशत तक आयात पर निर्भर हैं. वर्तमान संकट के पीछे ये तीन बड़े कारण हैं:
· हर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना: खाड़ी देशों की लगभग 70 प्रतिशत खाद्य आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है. युद्ध के चलते 28 फरवरी से यह रणनीतिक गलियारा वाणिज्यिक यातायात के लिए पूरी तरह बंद है.
· जेबेल अली पोर्ट पर हमला: क्षेत्र का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब जेबेल अली पोर्ट संघर्ष के दौरान हमले की चपेट में आ गया था. यह पोर्ट 5 मार्च को केवल आंशिक रूप से ही परिचालन शुरू कर पाया है जिससे माल की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है.
· एयर कार्गो क्षमता में भारी गिरावट: समुद्री मार्ग बाधित होने के बाद हवाई मार्ग पर दबाव बढ़ा लेकिन विमानन डेटा फर्म एवियन के अनुसार 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच मध्य पूर्व की एयर कार्गो क्षमता में 22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
जल्द खराब होने वाले (पेरिशेबल) सामान पर संकट
विशेषज्ञों का कहना है कि अनाज और फ्रोजन फूड का रिजर्व होने के कारण तत्काल कोई बड़ा अकाल जैसा संकट नहीं है लेकिन फल सब्जियां और डेयरी उत्पादों जैसे पेरिशेबल सामानों की कमी सुपरमार्केट में दिखने लगेगी. इन सामानों को लंबे समुद्री रास्तों से नहीं भेजा जा सकता क्योंकि इनकी शेल्फ लाइफ बहुत कम होती है.



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