नेपाल में बालेन शाह होंगे पहले मधेशी प्रधानमंत्री,क्या Gen-Z के अरमान पूरे होंगे?

नेपाल में बालेन शाह होंगे पहले मधेशी प्रधानमंत्री,क्या Gen-Z के अरमान पूरे होंगे?

नई दिल्ली : नेपाल में राजशाही के साए में और उसके बाद के राजनीतिक परिदृश्य में उभरे दल और उनके दिग्गज नेता 2026 के चुनाव में किनारे लग चुके हैं। पूरा देश बालेंद्र (बालेन) शाह के रैप म्यूजिक की धुन पर थिरक रहा है। बालेंद्र देश के पहले मधेशी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। यह समुदाय उत्तर प्रदेश और बिहार से रोटी-बेटी का संबंध रखने वालों का है।

प्रतिनिधि सभा के इस चुनाव में मतदाताओं द्वारा चुनी जाने वाली 165 सीटों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) को अभी तक 120 सीटें मिल चुकी हैं और छह सीटों पर उसके प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। आरएसपी के इस प्रदर्शन में देश के युवा जीत के पुरोधा बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सफल चुनाव के लिए नेपाल के लोगों को बधाई दी है।

नेपाल में मतगणना जारी

नेपाल में पांच मार्च को हुए मतदान के बाद मतगणना जारी है और इसके सोमवार सुबह तक पूरा होने की उम्मीद है। अभी तक 165 में से 156 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। नेपाली कांग्रेस ने 17 सीटें जीती हैं जबकि नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने सात सीटें जीती हैं और तीन पर उसके प्रत्याशी आगे चल रहे हैं।

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नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने भी सात सीटें जीती हैं, श्रम शक्ति पार्टी ने तीन और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने एक सीट जीती है। मियाग्दी-1 सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी महावीर पुन को जीत हासिल हुई है। आरएसपी ने उनके खिलाफ प्रत्याशी नहीं खड़ा किया था।

काठमांडू घाटी के तीन जिलों में आरएसपी ने सभी 15 सीटें जीती हैं, उनमें किसी भी दल को एक भी सीट नहीं मिली है। इस चुनाव में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद प्रमुख मुद्दे रहे और मतदाताओं ने उन्हीं के आधार पर नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों को खारिज किया।

चुनाव में बालेंद्र शाह की चार बार प्रधानमंत्री रहे केपी शर्मा ओली को लगभग 50 हजार मतों से हराने के बाद दूसरी बड़ी जीत आरएसपी की उम्मीदवार इंदिरा राना मगर की रही।

नेपाल में बालेन शाह की लहर

प्रतिनिधि सभा की पूर्व डिप्टी स्पीकर राना मगर ने झापा-2 सीट पर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के प्रत्याशी देवराज घिमिरे को 48,742 मतों के अंतर से हराया। पत्रकार से राजनेता बने आरएसपी प्रमुख रवि लेमिछाने चितवन-2 सीट से लगभग 40 मतों के अंतर से जीत गए हैं। उन्होंने नेपाली कांग्रेस की प्रत्याशी मीना खरेल को हराया है। नेपाली कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रहे गगन थापा धनुष्का-4 सीट पर आरएसपी के प्रत्याशी अमरेश सिंह से चुनाव हार गए हैं।

नेपाली कांग्रेस के महासचिव गुरुराज घिमिरे समेत कई बड़े नेता भी चुनाव हार गए हैं। इसी प्रकार से नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के नेता ओली, उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल, महासचिव शंकर पोखरेल समेत 10 प्रमुख नेता भी चुनाव हार गए हैं।

अभी तक के घोषित परिणामों में कुल 10 महिलाएं जीतकर प्रतिनिधि सभा में पहुंची हैं। इनमें से नौ आरएसपी की और एक नेपाली कांग्रेस की हैं। 275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा के लिए 165 सीटों पर सीधा चुनाव हुआ है जबकि 110 सीटों पर सदस्यों का चुनाव पार्टी आधार पर विजयी प्रत्याशी करेंगे।

तीन पूर्व पीएम में से केवल प्रचंड जीते

नेपाल के इस चुनाव में तीन पूर्व प्रधानमंत्री चुनाव मैदान में थे। इनमें से केवल पुष्प कमल दहल प्रचंड ही आरएसपी की सुनामी से खुद को बचा पाए। प्रत्येक चुनाव में नए क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले प्रचंड ने इस बार रुकुम पूर्व सीट को अपने लिए चुना था। पार्टी का नाम बदलकर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी रखने का कोई लाभ नहीं हुआ।

प्रचंड की पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री माधव नेपाल भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। वह राउताहाट-1 सीट से आरएसपी के राजेश कुमार चौधरी से पराजित हुए हैं। पार्टी के ज्यादातर नेता चुनाव हार गए हैं।

नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के नेता और चार बार प्रधानमंत्री रहे केपी शर्मा ओली को आरएसपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेंद्र शाह ने झापा-5 सीट पर हराया है। बालेंद्र ने ओली से सीधे टक्कर लेने के लिए अंतिम समय पर वहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया, जो ओली पर भारी पड़ा।

एक अन्य पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई प्रगतिशील लोकतांत्रिक पार्टी की ओर से चुनाव मैदान में उतरे थे लेकिन हवा का रुख भांपकर उन्होंने उम्मीदवारी से नाम वापस ले लिया था।









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