परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/ छुरा : रत्नांचल जिला साहित्य एवं जन कल्याण समिति गरियाबंद के तत्वावधान में सिरकट्टी आश्रम कुटेना में आयोजित भव्य समारोह में रत्नांचल काव्य संकलन का विमोचन किया गया। इस अवसर पर छुरा अंचल के प्रख्यात साहित्यकार हीरालाल साहू ‘समय’ को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए “रत्नांचल रत्न 2026” सम्मान से अलंकृत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक बिन्द्रानवागढ़ जनक ध्रुव, जिला पंचायत गरियाबंद के अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, जिला पंचायत सभापति सुभांगी चतुर्वेदी, वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर शर्मा (रायपुर), सदाराम सिन्हा, मुन्नालाल देवदास, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नूतन साहू, भुनेश्वर साहू तथा जितेन्द्र सुकुमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से रत्नांचल काव्य संकलन का विमोचन कर साहित्यकारों को बधाई दी।
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वक्ताओं ने कहा कि गरियाबंद जिला रत्नभूमि के रूप में साहित्यिक प्रतिभाओं से समृद्ध रहा है। यहां अतीत में पं. सुंदरलाल शर्मा, संत पवन दीवान, कृष्णा रंजन, उधोराम झखमार, चैतराम व्यास, गजानन प्रसाद देवांगन, गणपत रामनायक और मनोहर सोनी जैसे अनेक महान साहित्यकारों ने अपनी लेखनी से क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। आज भी सैकड़ों साहित्यकार उनकी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साहित्यकार हीरालाल साहू ‘समय’ पिछले 10–15 वर्षों से हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा में निरंतर साहित्य साधना कर रहे हैं। उनकी रचनाएं विभिन्न समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रही हैं। उनकी एक रचना रत्नांचल काव्य संकलन में भी प्रकाशित की गई है। साहित्य के प्रति उनकी सतत साधना और योगदान को देखते हुए समिति द्वारा उन्हें रत्नांचल रत्न 2026 सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान प्राप्त होने पर क्षेत्र के साहित्यकारों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी। प्रमुख रूप से शीतल ध्रुव, ललित साहू ,पुष्पराज साहू, दीनदयाल टंडन, ओमप्रभा साहू, संतोष कुमार साहू, पंकज गुप्ता, रुपनाथ बंजारे, पुनीत ठाकुर सहित अनेक लोगों ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं। समारोह में दिनेश चौहान (राजिम), उमेश श्रीवास (अमलीपदर), कृष्ण कुमार ‘अजनबी’ (देवभोग), केंवरा यदु, सुधा शर्मा, फानेंद्र साहू, डॉ. मोतीलाल साहू, देवेंद्र ध्रुव, भोजराम साहू, थानूराम निषाद, कमलेश माझी, संतोष सोनकर, पुरुषोत्तम चक्रधारी (कोपरा), कमलेश कौशिक (कठलहा), बल श्रीवास (गरियाबंद) सहित सैकड़ों साहित्यकार, कवि, लेखक और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर साहित्यकारों ने रचनापाठ भी किया और साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना जागृत करने का संकल्प लिया।



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