बिहार के अररिया जिले में मक्का की खेती बड़े पैमाने पर होती है. यहां की जमीन मक्का की खेती के लिए बहुत फायदेमंद है. इसलिए यहां के ज्यादातर किसान मक्का की खेती में रुचि रखते हैं. अधिकतर किसान मक्का की खेती पर निर्भर हैं और इससे अच्छा मुनाफा कमाते हैं.
अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत काला बलुआ गांव के रहने वाले किसान रंजीत कुमार लगभग 5 सालों से खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वे इस सीजन में 05 एकड़ जमीन पर मक्का की खेती कर रहे हैं. उनके मुताबिक प्रति एकड़ 20-25 हजार रुपए खर्च होता है और प्रति 5 एकड़ जमीन पर 1 लाख रुपए से अधिक का खर्चा होता है.
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यहां के किसानों के लिए मक्का की फसल सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है. उन्होंने कहा कि मेरा मक्का अभी ये 120 दिनों का हो गया है उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ जमीन पर लगभग 200 किलो से खाद लगता है.
मक्का की खेती में बढ़िया मुनाफा होता है. यह 150-180 दिनों में तैयार होती है. अररिया जिले के किसान रंजीत कुमार बताया कि मक्का की फसल 6 महीने में लगभग तैयार हो जाती है. इस फसल में यहां के किसानों को 4 बार सिंचाई की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि दो एकड़ जमीन पर लगभग 2 रुपए तक की कमाई अर्जित करते हैं.
किसान रंजीत कुमार ने बताया कि अगर जमीन में नमी हो तो 4 बार सिंचाई में भी फसल हो जाती है. वहीं, अगर नमी नहीं हो तो 5-6 बार तक सिंचाई करनी पड़ती है. इसमें कई प्रकार के रासायनिक और जैविक खादों की जरूरत पड़ती है. कई प्रकार की मशीनों से स्प्रे में लोडिस आदि भी करना पड़ता है.
किसान रंजीत कुमार के मुताबिक, मक्का की खेती में 4-6 बार सिंचाई करना जरूरी होता है. डीएपी, यूरिया, पोटाश, एल्युमिनियम जैसे खादों की जरूरत होती है. 35-45 दिनों के बाद दो बार कीटनाशक और लोडिस का स्प्रे करना जरूरी होता है. उन्होंने यह भी बताया कि 05 एकड़ जमीन पर मक्का की खेती से लगभग 4 लाख रुपए से अधिक की कमाई होती है.
मक्का की खेती-बाड़ी के साथ इसी खेती में सरसों की साग की भी खेती-बाड़ी करते हैं उन्होंने बताया कि मक्का, गेहूं और धान इसके अलावा पशुपालन मिलाकर और खेती से हर साल सीजन में 7 लाख रुपए का मुनाफा कमाई अर्चित करते हैं.



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