दूरस्थ गांव में शिक्षा का उत्साह , कुचारास स्कूल में कलेक्टर-सीईओ बने स्टूडेंट

दूरस्थ गांव में शिक्षा का उत्साह , कुचारास स्कूल में कलेक्टर-सीईओ बने स्टूडेंट

सुकमा : जिले के दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने ग्राम कुचारास के स्कूल का दौरा किया। अधिकारियों ने बच्चों के बीच बैठकर उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली और शिक्षा की गुणवत्ता का जायजा लिया।

इस दौरान स्कूल में एक अनोखा और प्रेरक दृश्य देखने को मिला। कलेक्टर और जिला सीईओ स्वयं छात्र बनकर बच्चों के साथ बैठ गए और बच्चों ने उन्हें गिनती और मात्रा पढ़ाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। बच्चों के आत्मविश्वास और पढ़ाई के स्तर से कलेक्टर बेहद प्रसन्न हुए। उन्होंने बच्चों को पेन और चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

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दौरे के दौरान अधिकारियों ने ग्राम मारोकी में भी बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि बड़े होकर क्या बनना चाहते हो। इस पर किसी बच्चे ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई तो किसी ने शिक्षक बनकर समाज की सेवा करने की बात कही। बच्चों के सपनों और आत्मविश्वास को देखकर कलेक्टर ने उन्हें खूब प्रोत्साहित किया।

आँगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छोटे बच्चों के साथ रोचक गतिविधि भी कराई। उन्होंने बच्चों को अलग-अलग तस्वीरें दिखाकर पूछा कि यह क्या नन्हे बच्चों ने बड़ी मासूमियत के साथ “गोभी” और “प्याज” पहचानकर जवाब दिया, जिससे वहां मौजूद सभी लोग खुश हो गए।

कलेक्टर ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और सुविधाएँ मिलना उनका अधिकार है। प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की पढ़ाई के लिए हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।









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