नगरी : नगरी क्षेत्र के नदी चौक में स्थापित नंदी भगवान की मूर्ति को लेकर विवाद सामने आया है। महेश फाउंडेशन के संस्थापक द्वारा मूर्ति को दूसरे स्थान पर स्थापित कर शिव मंदिर के पास शंकर चौक में विधिवत प्राणप्रतिष्ठा कराई गई। इस पूरे मामले में अतिक्रमण और धार्मिक आस्था के अपमान के आरोप लगाए गए हैं।जानकारी के अनुसार स्वर्गीय महेश सिन्हा द्वारा वर्ष 2011 में नदी चौक में नंदी भगवान की मूर्ति का निर्माण कराया गया था। उस समय ग्राम पंचायत द्वारा वहां खुला स्थान उपलब्ध कराया गया था और आसपास कोई दुकान या डेला नहीं लगाया जाता था। कुछ वर्षों बाद धीरे-धीरे बाहर से आए लोगों द्वारा वहां दुकान और अस्थायी डेला लगाना शुरू कर दिया गया।
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बताया जा रहा है कि समय के साथ दुकानों और ढांचों के कारण नंदी भगवान की मूर्ति पूरी तरह से घिर गई। महेश फाउंडेशन के संस्थापक का आरोप है कि कई बार ग्राम पंचायत, सरपंच और ग्राम समिति से निवेदन किया गया कि दुकानों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाए ताकि धार्मिक स्थल की गरिमा बनी रहे और व्यापारियों की रोजी-रोटी भी प्रभावित न हो।फाउंडेशन के अनुसार इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि बाद में मूर्ति के चारों ओर लगाए गए स्टील के घेराव को भी तोड़ दिया गया और वहां गंदगी व शराब की बोतलें फेंके जाने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची।
स्थिति को देखते हुए महेश फाउंडेशन के संस्थापक ने अपने निजी खर्च से नंदी भगवान की मूर्ति को सम्मानपूर्वक वहां से हटाकर शंकर चौक स्थित शिव मंदिर के पास विधि-विधान के साथ पुनः प्राणप्रतिष्ठा कराई। फाउंडेशन का कहना है कि नदी चौक में मूर्ति का लगातार अपमान हो रहा था, इसलिए मजबूरी में यह निर्णय लेना पड़ा।फाउंडेशन ने यह भी आरोप लगाया है कि जिस स्थान पर मूर्ति स्थापित थी, वहां पंचायत की कीमती जमीन पर अतिक्रमण कर दुकानें लगा दी गई हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।



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