Surajpur : बंद ओसीएम खदान से फ्लाई राखड़ की चोरी, स्थानीय बदमाशों पर जांच शुरू

Surajpur : बंद ओसीएम खदान से फ्लाई राखड़ की चोरी, स्थानीय बदमाशों पर जांच शुरू

सूरजपुर:एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की बंद पड़े ओसीएम खदान से अब फ्लाई ऐश (राखड़) की चोरी का मामला सामने आया है। खदान में कोयला उत्पादन बंद होने के बाद पिछले वर्ष तक पॉवर प्लांटों से निकले फ्लाई ऐश की भराई का कार्य चला। हाल ही में क्वारी नंबर-1 में लगभग 13 लाख क्यूबिक मीटर राखड़ भराई पूरी होने के बाद कार्य बंद कर दिया गया, लेकिन इसके बाद अब खदान क्षेत्र में डंप राखड़ की चोरी शुरू हो गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले डेढ़-दो माह से कुछ बदमाश प्रवृत्ति के युवक गैंग बनाकर रात के समय चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ये युवक डोजर और चैन माउंटेन मशीन की मदद से राखड़ को ट्रकों में लोड करते हैं और उसे पास के ईंट उद्योग संचालकों तथा बन रहे ओवरब्रिज के ठेकेदारों को बेच देते हैं।

ओसीएम खदान के मैनेजर विजय कुमार सिंह ने बताया कि खदान में राखड़ भराई का कार्य एनटीपीसी लारा, सीपत, कोरबा और रायगढ़ के पावर प्लांटों से अनुबंध के तहत किया गया था। अब इस स्थल को समतल कर ऊपर मिट्टी भरकर वृक्षारोपण किया जाना है। उन्होंने स्वीकार किया कि खदान क्षेत्र से राखड़ चोरी की जानकारी मिली है और इस संबंध में पुलिस को लिखित सूचना भी दी गई है। यह मामला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, क्योंकि खदानों से पहले कोयला, कबाड़, केबल, डीजल और स्पेयर पार्ट्स की चोरी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। अब चोरों ने राखड़ चोरी का नया तरीका अपनाया है, जिससे खदान क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा में कमज़ोरी सामने आई है।

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स्थानीय पुलिस ने कहा कि चोरी की वारदात की जानकारी मिलने के बाद खदान क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनसे पूछताछ की जाएगी। पुलिस और खदान प्रशासन मिलकर चोरी की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बना रहे हैं। बंद खदानों में इस तरह की चोरी से न केवल खदान प्रशासन को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यह सामाजिक और सुरक्षा जोखिम भी पैदा करता है। इसके अलावा, चोरी की जाने वाली राखड़ का अवैध बाजार बनने से औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। खदान प्रबंधन ने स्थानीय अधिकारियों और पुलिस प्रशासन से सहयोग की अपील की है ताकि चोरी की घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, ग्रामीण और आसपास के निवासियों से भी अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को तुरंत दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। यह मामला सूरजपुर जिले में खदान सुरक्षा और निगरानी प्रणाली पर एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है। खदान क्षेत्र में अब सुरक्षा बढ़ाने और अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।









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