बचपन का मोटापा: किडनी के लिए बड़ा खतरा,डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके

बचपन का मोटापा: किडनी के लिए बड़ा खतरा,डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके

बचपन का समय अक्सर खेलकूद और मस्ती से भरा होता है। इस दौरान बच्चे कई सारी चीजें सीखते हैं। हर माता-पिता अपने बच्चे को चुस्त और तंदुरुस्त देखना चाहते हैं, लेकिन आजकल की बदलती लाइफस्टाइल और फास्ट फूड के दौर में बच्चे तेजी से मोटापे का शिकार हो रहे हैं। 

अक्सर बच्चों के मोटापे को लोग क्यूट या चबीनेस मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह बढ़ता वजन बच्चों के अंगों पर, खासकर उनकी किडनी पर बहुत भारी पड़ सकता है। आइए फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग में सीनियर डायरेक्टर और पीडियाट्रिक के हेड डॉ. विवेक जैन से जानते हैं कि बचपन का मोटापा भविष्य में किडनी के लिए कैसे एक बड़ा खतरा बन सकता है।

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मोटापे और किडनी का कनेक्शन

  • शरीर पर अतिरिक्त दबाव: जब बच्चे का वजन जरूरत से ज्यादा होता है, तो उसके शरीर के पूरे सिस्टम पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है। इससे छोटी उम्र में ही ब्लड प्रेशर बढ़ने और टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ये बीमारियां किडनी को खराब करने की सबसे बड़ी जड़ हैं।
  • किडनी की दोगुनी मेहनत: हमारी किडनी का मुख्य काम खून को छानकर शरीर से गंदगी बाहर निकालना है। वजन ज्यादा होने पर किडनी को खून साफ करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है, जिसे हाइपरफिल्ट्रेशन कहते है। शुरुआत में तो किडनी किसी तरह इसे संभाल लेती है, लेकिन लगातार ओवरवर्क करने से किडनी के अंदर मौजूद बारीक छन्नियां (जिन्हें नेफ्रॉन कहते हैं) धीरे-धीरे खराब होने लगती हैं।
  • अंदरूनी नुकसान: मोटापे के कारण शरीर में कई ऐसे हार्मोनल बदलाव और अंदरूनी सूजन होती है, जो किडनी के टिश्यू को नुकसान पहुंचाते हैं। अगर बचपन का यह मोटापा बड़े होने तक बना रहे, तो भविष्य में किडनी की गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

बचाव के आसान और जरूरी उपाय

अपने बच्चे को इस गंभीर बीमारी से बचाने के लिए बचपन से ही कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है- 

  1. बच्चों को फास्ट फूड की जगह घर का बना हेल्दी और संतुलित भोजन दें।
  2. उन्हें बाहर मैदान में खेलने और शारीरिक मेहनत वाले काम करने के लिए प्रेरित करें।
  3. टीवी, मोबाइल या वीडियो गेम का समय तय करें, ताकि वे एक जगह बैठे न रहें।
  4. समय-समय पर डॉक्टर से बच्चों के स्वास्थ्य की सामान्य जांच कराते रहें।









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