गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में पिछले आठ सालों से संचालित कृषि महाविद्यालय को किरवई स्थानांतरित करने के फैसले को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। इस निर्णय के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा और विवाद का माहौल बन गया है।इस मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे जनता के साथ अन्याय बताया है.
सरकार की निष्क्रियता पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जो कॉलेज पिछले 8 सालों से एक ही स्थान पर सफलतापूर्वक चल रहा है, उसे अचानक दूसरी जगह शिफ्ट करना समझ से परे है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को लोगों के बीच विवाद पैदा करने में आनंद आता है. बघेल ने कहा कि यह सरकार की निष्क्रियता ही है कि वह बने-बनाए संस्थान को सुरक्षित रखने के बजाय उसे विस्थापित कर रही है.
जनता के भारी विरोध की अनदेखी
गौरतलब है कि कृषि महाविद्यालय को बचाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और छात्रों ने लंबे समय से संघर्षरत है. इस मांग को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन हुए और पूर्व में फिंगेश्वर बंद भी किया गया था, जिसे व्यापारियों और आम जनता का भी भरपूर समर्थन मिला था. शहर बंद रहने के बावजूद प्रशासन की ओर से कॉलेज को किरवई शिफ्ट करने की तैयारी करना जनभावनाओं का अपमान माना जा रहा है.
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कांग्रेस शासन में हुआ था उद्घाटन
भूपेश बघेल ने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के समय उन्होंने स्वयं इस कृषि महाविद्यालय का उद्घाटन किया था, ताकि क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा के लिए भटकना न पड़े. उन्होंने सरकार से मांग की है कि कॉलेज का नया भवन फिंगेश्वर में ही बनाया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे और फिंगेश्वर में ही भवन निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष करेंगे.
कॉलेज के स्थानांतरण की खबर से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कॉलेज को बचाने के लिए चक्काजाम से लेकर शहर बंद तक किया, लेकिन सरकार उनकी सुनने के बजाय कॉलेज को ही यहां से हटा रही है. अब पूर्व मुख्यमंत्री के इस समर्थन के बाद क्षेत्र में यह आंदोलन एक बार फिर से तेज होने की संभावना है.



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