राज्यसभा चुनाव नतीजे: 11 सीटों में 5 पर NDA का कब्जा, ओडिशा में उलटफेर

राज्यसभा चुनाव नतीजे: 11 सीटों में 5 पर NDA का कब्जा, ओडिशा में उलटफेर

नई दिल्ली: राज्यसभा की रिक्त 37 सीटों में से 11 पर सोमवार को हुए चुनाव में बिहार में राजग ने सभी पांच सीटें जीत ली हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, जदयू के रामनाथ ठाकुर, भाजपा के शिवेश कुमार और रालोमो के उपेंद्र कुशवाहा राज्यसभा के लिए चुने गए।

ओडिशा में चार सीटों पर चुनाव में तीन सीटें भाजपा के खाते में गईं, जबकि एक सीट बीजू जनता दल के हिस्से में आई। दूसरी ओर हरियाणा में दो सीटों के लिए मतदान के तुरंत बाद वोटिंग की गोपनीयता पर भाजपा और कांग्रेस भिड़ गए। मतदान तो शांतिपूर्वक पूरा हो गया था, लेकिन वोटों की गोपनीयता को लेकर उठी आपत्तियों के कारण अंतिम समाचार मिलने तक मतगणना तय समय पर शुरू नहीं हो सकी।

एक-दूसरे के विधायकों के वोटों पर आपत्ति दर्ज

हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस की ओर से एक-दूसरे के विधायकों के वोटों पर आपत्ति दर्ज कराई है, जिसके बाद चुनाव अधिकारी ने तीनों शिकायतें केंद्रीय चुनाव आयोग को भेज दीं। अब आयोग के फैसले के बाद ही मतगणना का रास्ता साफ होगा। वहीं, मतगणना में देरी के चलते कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है 

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश की जा रही है। इससे पहले हरियाणा विधानसभा के कमेटी रूम में सुबह नौ बजे मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। कुल 90 सदस्यों वाली विधानसभा में से 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दोनों विधायक अर्जुन चौटाला और अदित्य देवीलाल चौटाला ने मतदान से दूरी बनाए रखी। चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल मैदान में हैं।

ओडिशा में कांग्रेस व बीजद के खेमे से क्रॉस वोटिंग

ओडिशा में भाजपा से प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, सुजीत कुमार जबकि बीजद से संतृप्त मिश्र का चयन संख्या के हिसाब से पहले ही कर लिया गया था। चौथी सीट पर दोनों ही तरफ से दावे ठोंके गए थे।

संख्या के हिसाब से यह सीट बीजद-कांग्रेस गठबंधन के खाते में जाती दिख रही थी, लेकिन 11 विधायकों की क्रॉस वोटिंग के कारण चौथी सीट भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार दिलीप रे ने जीत ली और गठबंधन के उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को पराजय का सामना करना पड़ा। चुनाव में सभी 147 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 11 विधायकों ने पार्टी व्हिप की अवहेलना करते हुए क्रास वोटिंग की।

कुछ विधायकों ने मीडिया के सामने क्रॉस वोटिंग की बात स्वीकार की, जबकि कुछ मौन रहे। क्रॉस वोटिंग करने वाले 11 विधायकों में तीन कांग्रेस के और आठ बीजद के बताए जा रहे हैं।

ओडिशा में विफल रहे कांग्रेस और बीजद के प्रयास

ओडिशा में चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों रमेश जेना, दाशरथी गमांग, सोफिया फिरदौस और बीजद विधायकों चक्रमणि कंहर, सौभिक बिस्वाल, नव किशोर मलिक, सुभासिनी जेना, देवी रंजन त्रिपाठी, रमाकांत भोई, सनातन महाकुड़, अरविंद महापात्र ने क्रास वोटिंग की।

इसे रोकने के लिए बीजद और कांग्रेस ने काफी कोशिश की थी, लेकिन सभी प्रयास विफल हो गए। कांग्रेस ने अपने 14 विधायकों में आठ को बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में रखा था। पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले विधायकों को नोटिस भी जारी किया गया था।

 









You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments