फूलगोभी की खेती अररिया के किसानों के लिए मुनाफे का सबसे बड़ा जरिया बनकर उभरी है. किसान परमेश्वर कुमार के अनुसार, फूलगोभी की फसल महज 70 से 90 दिनों की अल्प अवधि में ही तैयार हो जाती है, जो इसे नकदी फसल के रूप में बेहद आकर्षक बनाती है.
एक एकड़ भूमि पर फूलगोभी की खेती करके किसान प्रति सीजन में लगभग 2 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ कमा रहे हैं. इसका बाजार भाव भी संतोषजनक रहता है, जो 25 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बना रहता है, जिससे किसानों की मेहनत का उचित मूल्य मिल जाता है.
सब्जी उत्पादन की इस सफलता के पीछे किसानों की कड़ी मेहनत और बाजार तक उनकी सीधी पहुंच हैं. किसान अपनी तैयार उपज को स्वयं स्थानीय बड़ी मंडियों और दुकानदारों तक पहुंचा रहे हैं, जिससे बिचौलियों का प्रभाव कम हुआ है और मुनाफे का बड़ा हिस्सा सीधे किसानों की जेब में जा रहा है.
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बाइक या स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके बाजार तक पहुेचने से वे अधिक प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य प्राप्त कर रहे हैं. सब्जी की इस बढ़ती खेती से न केवल गोविंदपुर बल्कि आसपास के कई गांवों में समृद्धि आई है.
साल भर अलग-अलग सीजन में विभिन्न सब्जियों का उत्पादन करके किसान प्रति वर्ष 3 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं. यह सफलता उन किसानों के लिए एक उदाहरण है जो पारंपरिक खेती में घाटे की मार झेल रहे थे.
सब्जियों की विविधता और उन्नत खेती के तरीकों ने अररिया के किसानों को एक नई पहचान दी हैं अब यहां के किसान वैज्ञानिक खेती और सही बाजार प्रबंधन के तालमेल से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सफल हो रहे हैं.



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