नशे के नेटवर्क पर प्रहार, पंजाब से जुड़े 4 बड़े तस्कर गिरफ्तार

नशे के नेटवर्क पर प्रहार, पंजाब से जुड़े 4 बड़े तस्कर गिरफ्तार

रायपुर: कमिश्नरेट पुलिस ने नशे के विरुद्ध अपनी अनवरत मुहिम के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की है। DCP (पश्चिम) संदीप कुमार पटेल एवं DCP (साइबर) स्मृतिक राजनाला के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा के पर्यवेक्षण तथा ACP आज़ाद चौक ईशू अग्रवाल (भा.पु.से.) के नेतृत्व में गठित थाना कबीरनगर, आमानाका व साइबर की संयुक्त टीम ने पंजाब प्रांत में जाकर अंतरराज्यीय हेरोइन तस्करी के विभिन्न सक्रिय सिंडिकेट्स का भंडाफोड़ किया। इस कार्यवाही में चार मुख्य आरोपियों को — जो रायपुर के विभिन्न थानों के प्रकरणों में फरार चल रहे थे — को हेरोइन, अवैध शस्त्र एवं जिंदा कारतूस समेत गिरफ्तार किया गया।

कमिश्नरेट पुलिस द्वारा विगत कई माहों से हेरोइन चिट्टा आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध निरंतर कार्यवाही की जा रही है। विभिन्न मामलों की जाँच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि रायपुर में हेरोइन की आपूर्ति का मुख्य स्रोत पंजाब प्रांत है। सभी प्रमुख सप्लायर पंजाब से माल लाकर रायपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में वितरित करते थे।

पुलिस ने केवल स्थानीय वितरकों तक सीमित न रहते हुए संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला (end-to-end supply chain) का गहन अन्वेषण किया। रायपुर में हेरोइन पकड़े जाने के प्रत्येक मामले में उसके स्रोत तक पहुँचने का व्यवस्थित प्रयास किया गया। अन्वेषण दल ने तकनीकी साक्ष्यों, दूरसंचार विश्लेषण एवं मानव स्रोतों के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला की प्रत्येक कड़ी — स्थानीय वितरक से लेकर अंतरराज्यीय वाहक, और वाहक से लेकर पंजाब स्थित मूल सप्लायर तक — को चिन्हित किया और उन्हें उनके गृह प्रांत में जाकर गिरफ्तार किया।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है 

आरोपी — कवलजीत सिंग पन्नू : टियर-1 सप्लायर एवं आपराधिक पृष्ठभूमि

पूर्व में गिरफ़्तार किए गए रुपिंदर उर्फ पाब्लो गैंग के सदस्यों की जाँच के दौरान सामने आया कि कवलजीत सिंग पन्नू इस तस्करी श्रृंखला में एक 'टियर-1' अर्थात् सर्वोच्च स्तर का सप्लायर था। वह पाकिस्तान से सटे पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क से सीधे हेरोइन की खरीद करता था। इस प्रकार वह आपूर्ति श्रृंखला की सबसे ऊपरी कड़ी के रूप में कार्य करते हुए रुपिंदर जैसे वितरकों को हेरोइन उपलब्ध कराता था, जो आगे रायपुर जैसे दूरस्थ शहरों में माल पहुँचाते थे।

कवलजीत सिंग पन्नू की आपराधिक पृष्ठभूमि अत्यंत गंभीर है। यह आरोपी पूर्व में भी इसी प्रकार के अपराधों में संलिप्त रहा है और कई बार विधि के शिकंजे में आ चुका है —

▸ जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ — NDPS Act के तहत दर्ज प्रकरण में पूर्व में जेल निरुद्ध

▸ पंजाब प्रांत — Arms Act के तहत दर्ज प्रकरण में जेल निरुद्ध

▸ वर्तमान में रायपुर के विभिन्न थानों में NDPS Act एवं Arms Act के अंतर्गत अनेक गंभीर प्रकरण दर्ज

गिरफ्तारी के समय उसके पास अवैध बरेटा पिस्टल एवं जिंदा कारतूस का पाया जाना यह दर्शाता है कि यह तस्कर सशस्त्र होकर अपनी आपराधिक गतिविधियाँ संचालित करता था।

आरोपी क्र. 2 एवं 3 — तरसेम सिंग उर्फ साजन एवं विक्की सिंग : कूरियर के माध्यम से तस्करी

ये दोनों आरोपी स्वयं हेरोइन लेकर नहीं चलते थे, बल्कि पंजाब से रायपुर तक हेरोइन की आपूर्ति कूरियर सेवाओं के माध्यम से करते थे। हेरोइन को सामान्य पार्सल में इस प्रकार छुपाया जाता था कि सामान्य जाँच में वह पकड़ में न आए। इस विधि से आरोपी स्वयं को परिवहन श्रृंखला से अलग रखते थे, जिससे प्रत्यक्ष पकड़े जाने का जोखिम न्यूनतम हो जाता था। रायपुर में स्थानीय वितरक पार्सल प्राप्त कर अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुँचाते थे।

आरोपी क्र. 4 — जनक राज : माल वाहक ट्रक चालकों के माध्यम से तस्करी

चौथे आरोपी जनक राज (निवासी जीरा, जिला फिरोजपुर) हेरोइन की आपूर्ति के लिए उन ट्रक चालकों का उपयोग करता था जो व्यापारिक माल की ढुलाई के लिए नियमित रूप से पंजाब से छत्तीसगढ़ आते-जाते थे। ट्रक का वैध व्यापारिक उद्देश्य एक स्वाभाविक आवरण प्रदान करता था, जिससे यह तस्करी दीर्घकाल तक जाँच एजेंसियों की नजर से बची रही। रायपुर पहुँचने पर स्थानीय संपर्क सूत्रों के माध्यम से हेरोइन उतारकर वितरण नेटवर्क को सौंपी जाती थी।

संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला का अन्वेषण — ऊपरी कड़ियों की पहचान

यह अभियान केवल एक गिरफ्तारी कार्यवाही नहीं थी — यह महीनों के सुनियोजित, चरणबद्ध अन्वेषण का परिणाम था। DCP (पश्चिम) एवं DCP (साइबर) की संयुक्त टीम ने रायपुर में पकड़े गए हेरोइन के मामलों में खुदरा वितरकों तक सीमित न रहकर आपूर्ति श्रृंखला को नीचे से ऊपर की ओर खंगाला और संपूर्ण अन्वेषण (end-to-end investigation) किया —

▸ प्रथम चरण — रायपुर में स्थानीय वितरकों की पहचान एवं गिरफ्तारी तथा उनसे उनके स्रोतों की जानकारी प्राप्त करना

▸ द्वितीय चरण — तकनीकी अन्वेषण एवं दूरसंचार विश्लेषण के माध्यम से अंतरराज्यीय संपर्क सूत्रों की मैपिंग

▸ तृतीय चरण — पंजाब स्थित वाहकों एवं मध्यस्थों की पहचान, जिनमें कूरियर-आधारित एवं ट्रक-आधारित नेटवर्क दोनों शामिल

▸ चतुर्थ चरण — आपूर्ति श्रृंखला के शीर्षस्थ सप्लायरों — टियर-1 स्तर के आरोपियों — की पहचान, जो पाकिस्तान से जुड़े स्रोतों से सीधे हेरोइन प्राप्त करते थे

इस कार्यवाही से न केवल रायपुर में हेरोइन की आपूर्ति का एक प्रमुख स्रोत बंद हुआ है, बल्कि पूरे नेटवर्क की संरचना भी उजागर हुई है जो आगे की जाँच में सहायक होगी।









You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments