दो दिन में दूसरा झटका: भारत में फिर भूकंप, जानें कहां और कितनी थी तीव्रता

दो दिन में दूसरा झटका: भारत में फिर भूकंप, जानें कहां और कितनी थी तीव्रता

नई दिल्ली: इस वक्त की बड़ी खबर भारत के सिक्किम राज्य से सामने आ रही है। यहां सिक्किम में 4.1 तीव्रता का हल्का भूकंप आया है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक शनिवार रात आठ बजकर 41 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र मंगन जिले में सतह से 14 किलोमीटर नीचे स्थित था। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप में जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि निवासियों को सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि भूकंप की वजह से लोग घरों से बाहर निकल आए। 

दो दिन पहले भी आए थे भूकंप

इससे पहले परसो सिक्किम में ही भूकंप के दो झटके महसूस किए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार तड़के सिक्किम के गंगटोक में भूकंप के दोनों झटके महसूस किए गए हैं। दोनों भूकंपों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 और 2.7 दर्ज की गई थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, 3.6 तीव्रता का भूकंप सुबह 4:26 बजे गंगटोक से लगभग 10.7 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में 5 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया, जबकि दूसरा भूकंप शहर से 11.2 किलोमीटर पश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। इस भूकंप में भी किसी के घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं मिली।

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है 

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। रिक्टर स्केल पर 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।









You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments