किरंदुल : जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने रविवार जनप्रतिनिधियों के साथ गीदम विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुमलनार के इंद्रावती नदी पार स्थित अति संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्र के ग्राम गिरसा और पालोड़ी का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।उन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जमीनी हकीकत को नजदीक से समझा और उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।दौरे के दौरान ग्रामीणों ने सड़क,शिक्षा,स्वास्थ्य, बिजली एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को प्रमुखता से उठाया। विशेष रूप से शिक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने गहरी चिंता व्यक्त की।उन्होंने बताया कि क्षेत्र में स्कूल भवन नहीं होने तथा अत्यंत संवेदनशील परिस्थितियों के कारण बच्चों को इंद्रावती नदी पार कर गुमलनार स्थित स्कूल तक पहुंचना पड़ता है, जिससे कई बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। वहीं पालोड़ी में नवीन आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना की मांग भी रखी गई।
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ग्रामीणों ने नदी पर पुल निर्माण नहीं होने की गंभीर समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि आज भी उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर डोंगी के सहारे नदी पार करनी पड़ती है, जिससे कई बार हादसे हो चुके हैं और जनहानि तक हुई है। इसी वर्ष एक दुखद घटना में डोंगी पलटने से एक ग्रामीण की नदी में बहकर मृत्यु हो गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्याएं अत्यंत गंभीर हैं और इनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्कूल, आंगनबाड़ी, पुल निर्माण सहित सभी मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दों को जिला प्रशासन एवं राज्य शासन तक मजबूती से उठाया जाएगा तथा शीघ्र समाधान के लिए ठोस एवं प्रभावी पहल की जाएगी।उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए वे लगातार क्षेत्रीय भ्रमण कर जनसंवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान हेतु प्रयासरत हैं।दौरे के दौरान महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही।इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष सकुंतला भास्कर,जनपद उपाध्यक्ष दिनेश कौशल एवम अन्य उपस्थित रहें।



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