त्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के शारदा नदी के किनारे रेतीली जमीन पर बागपत से आए हुए किसान डेरा डालकर सब्जी उगा रहे हैं. किसान ने बातचीत करते हुए बताया कि इस समय करीब एक एकड़ से अधिक रेतीली बंजर जमीन पर इस समय हम खीरा की खेती कर रहे हैं. कम लागत में अधिक मुनाफा खीरा की खेती से कमाया जा सकता है. गर्मियों के मौसम में खीरा की डिमांड अधिक रहती है, क्योंकि खीरा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. अगर बात करें तो बाजारों में इस समय 15 से लेकर 20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से थोक में खीरा बिक रहा है.
किसान ने जानकारी देते हुए बताया कि ठेके पर भूमि लेकर फसल तैयार की जा रही है. काफी संख्या में किसान झोपड़ी बनाकर नदी के किनारे खाली पड़ी जमीन पर सब्जी की खेती कर रहे हैं. जमीन 4000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके पर ली गई है. रासायनिक खाद डालकर रेतीली जमीन को उपजाऊ बनाया जा रहा है.
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शारदा नदी के किनारे खेती के लिए पर्याप्त भूमि
बागपत के रहने वाले इनाम ने बताया कि इस समय हम लखीमपुर खीरी जिले की बिजुआ ब्लॉक क्षेत्र के करसौर गांव के पास रेतीली जमीन पर सब्जी की खेती कर रहे हैं. परिवार का पालन पोषण करने के लिए हम लोग बागपत से यहां आए हुए हैं, क्योंकि यहां शारदा नदी के किनारे पर्याप्त मात्रा में जमीन हम लोगों को खेती करने के लिए मिल जाती है.
तीन से चार दिन में फसल तैयार
उन्होंने बताया कि यहां के किसानों से हम लोग ठेके पर जमीन लेते हैं, उसके बाद सब्जी की खेती करते हैं. इस समय 1 एकड़ में हम खीरा की खेती कर रहे हैं. तीसरे दिन तीन से चार कुंतल खीरा उत्पादन होता है. उसके बाद सीधे मंडी भेजा जा रहा है. इस समय तराई का खीरा पूरे जनपद में धूम मचाए हुए है. वहीं बाजारों की बात करें तो खीरा 30 रुपए से लेकर 40 रुपए किलो के हिसाब से बिक रहा है.



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