नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए करीब 4,500 नौसेनिक और मरीन सैनिकों को युद्ध क्षेत्र में तैनात करने करने का फैसला किया है। यह तैनाती ऐसे समय में हो रही है जब ईरान के साथ संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने एक ऑपरेशनल टास्क ग्रुप के तहत लगभग 4,500 सैनिकों को मध्य पूर्व की ओर भेजा है। ये सैनिक और युद्धपोत फिलहाल प्रशांत महासागर के रास्ते क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। इससे पहले भी अमेरिका 2,000 से ज्यादा अतिरिक्त मरीन और कई युद्धपोत भेज चुका है, जिससे साफ है कि वॉशिंगटन इस संघर्ष को गंभीरता से ले रहा है।
ईरान के खिलाफ सैन्य तैयारी तेज
अमेरिका और इजराइल 28 फरवरी 2026 से ईरान के कई ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। इन हमलों में राजधानी तेहरान समेत कई अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसके जवाब में ईरान भी इजराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
जमीनी युद्ध की भी तैयारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंटागन ने ईरान में जमीनी सैनिक भेजने के विकल्पों पर भी विस्तृत योजना तैयार कर ली है। इसका मतलब है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो यह संघर्ष सीधे जमीनी युद्ध में बदल सकता है।
बड़े युद्ध की आशंका
हालिया घटनाओं से संकेत मिल रहे हैं कि यह संघर्ष सिर्फ सीमित हमलों तक नहीं रहेगा। अमेरिका पहले ही हजारों सैनिक और युद्धपोत क्षेत्र में तैनात कर चुका है और आगे भी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।



Comments