विश्वासघात की वारदात: परिचित ने ACB-EOW अफसर बन PWD पूर्व अधिकारी को ठगा

विश्वासघात की वारदात: परिचित ने ACB-EOW अफसर बन PWD पूर्व अधिकारी को ठगा

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में टेंट व्यवसायी ने EOW- ACB का धौंस दिखाकर PWD के रिटायर्ड अधिकारी से नौ लाख रुपए ठग लिए। इस मामले में राखी थाने की पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का जगदलपुर में टेंट का व्यवसाय है। बताया जा रहा है कि, आरोपी की बड़े नेताओं के साथ भी मित्रता है। 

मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी देवलाल सिंह टेकाम PWD में अधीक्षण अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्हें फोन कर ACB- EOW के नाम से धमकाया गया। जांच में पाया गया कि प्रार्थी से उक्त जानकारी प्राप्त होने के बाद आरोपी धर्मेन्द्र चौहान ने इसका फायदा उठाने की योजना बनाई। उसने प्रार्थी से कहा कि वह चिंता न करे, वह पता करता है कि मामला क्या है, तथा प्रार्थी को दोनों नंबर ब्लॉक करने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने अपनी महिला मित्र के नाम से लिये गये मोबाइल नंबर 7648072849 से प्रार्थी को व्हाट्सएप मैसेज भेजा। इसी नंबर से उसने प्रार्थी को उसके नाम से शिकायत की एक प्रति भेजी तथा बाद में स्वयं को EOW का अधिकारी बताकर कॉल किया। आरोपी ने प्रार्थी को डराया-धमकाया।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है 

आरोपी ने ठगे 9.50 लाख रुपये  
जब प्रार्थी ने पूछा कि यह मामला कैसे खत्म हो सकता है, तब आरोपी ने उसे झांसा दिया कि उसका धर्मेन्द्र चौहान से परिचय है और वह धर्मेन्द्र के माध्यम से मामला खत्म करा देगा। इसके बाद प्रार्थी ने यह बात धर्मेन्द्र चौहान को बताई। तब धर्मेन्द्र चौहान ने प्रार्थी से कहा कि मामला खत्म कराने के लिए 10 लाख रुपये मांगे गये हैं। उसने प्रार्थी से कहा कि रकम उसके पास छोड़ दी जाए, वह आगे पहुंचाकर प्रकरण खत्म करा देगा। बाद में प्रार्थी द्वारा आरोपी धर्मेन्द्र चौहान को ₹9,50,000/- दे दिये गये। जांच में यह भी पाया गया कि धर्मेन्द्र चौहान का जगदलपुर में टेंट का व्यवसाय है। वह पूर्व में प्रार्थी के साथ भी काम कर चुका था, इसलिए प्रार्थी द्वारा किन-किन जिलों में क्या-क्या कार्य किया गया है, इसकी उसे अच्छी जानकारी थी। 

इन धाराओं के तहत केस दर्ज 
साथ ही वह प्रार्थी की कमजोरियों से भी भली-भांति परिचित था। इसके अतिरिक्त वह प्रार्थी के खेत की देखरेख तथा वहां खेती करवाने का काम भी करता था। इसी पुराने परिचय, निकटता, जानकारी तथा पहचान के कारण प्रार्थी को उसकी बात पर विश्वास हो गया। आरोपी धर्मेन्द्र चौहान द्वारा प्रार्थी को भयभीत कर, स्वयं को EOW अधिकारी बताकर, शिकायत की प्रति भेजकर तथा अपने पुराने परिचय का दुरुपयोग कर ठगी किये जाने के तथ्य पाये जाने पर थाना राखी में धारा 319, 204, 308(2), 351(2) BNS एवं 66-D आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने नागरिकों से बचने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने नाम से सिम कार्ड खरीदकर उपयोग हेतु न दें, क्योंकि उसके दुरुपयोग होने पर आप स्वयं भी परेशानी में पड़ सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को ACB- EOW में शिकायत होने के नाम पर कोई कॉल कर डराया या धमकाया जाता है, तो इसकी जानकारी निम्न माध्यमों से ACB- EOW को दी जा सकती है।

 









You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments