बिरनपुर में राहुल गांधी के नाम से जली ज्योत, सत्ता वापसी के लिए कांग्रेस की विशेष प्रार्थना

बिरनपुर में राहुल गांधी के नाम से जली ज्योत, सत्ता वापसी के लिए कांग्रेस की विशेष प्रार्थना

बेमेतरा:छत्तीसगढ़ में इन दिनों नवरात्रि की धूम है। भक्त अपनी मनोकामना लेकर मां के दरबार में ज्योत जलवा रहे और दर्शन करने पहुंच रहे। वहीं बेमेतरा जिले के बिरनपुर के मां शक्ति मंदिर में कांग्रेसियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नाम पर ज्योत जलाए हैं और क्षेत्र में सुख-शांति और कांग्रेस की सरकार बनने माता रानी से प्रार्थना की है।बता दें कि शक्ति घाट में ही 2023 में दो समुदाय के बीच हिंसा की शुरुआत हुई थी, जहां वर्तमान साजा विधायक ईश्वर साहू के बेटे भुवनेश्वर साहू की मौत हुई थी।

किसान कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बलदाऊ प्रसाद मिश्रा, प्रदेश महासचिव राजेंद्र साहू ने बताया कि 2023 में बिरनपुर के शक्ति घाट में दो समुदाय के बीच हिंसा की शुरुआत हुई थी। इस झगड़े में भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव पसरा। यह मामला राजनीतिक मुद्दा भी बना। इसी दौरान गांव के ही कुछ घरों में आगजनी भी हुई। 10 अप्रैल को मुस्लिम समुदाय के दो लोगों के शव खेत से बरामद हुए थे। इसके बाद तनाव इतना बढ़ गया था कि गांव में धारा 144 लगानी पड़ी।

आपसी विवाद राजनीतिक मुद्दा बनने से कांग्रेस को हुआ नुकसान

कांग्रेस नेता बलदाऊ मिश्रा ने कहा, आपसी विवाद राजनीतिक मुद्दा बन गया था। इसका परिणाम कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ा। इस मुद्दे ने कई विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित किया, जिसके चलते छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई। आज हम लोग इलाके में शांति व्यवस्था बनी रहे, कांग्रेस की उन्नति, केंद्र और राज्य में कांग्रेस की सरकार बने, इस उद्देश्य से राहुल गांधी के नाम से मां शक्ति के दरबार में ज्योत जला रहे हैं। कांग्रेसियों ने मां शक्ति से प्रार्थना की है कि जाने अनजाने में जो भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से गलती हो गई होगी उसके लिए हमें माफ करें। साजा क्षेत्र में आने वाले चुनाव में कांग्रेस का विधायक बने और प्रदेश में फिर से सता की वापसी हो।

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जानिए क्या है बीरनपुर कांड

यह पूरी घटना 8 अप्रैल 2023 को हुई थी। बेमेतरा के बिरनपुर गांव में दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव पसरा। यह मामला राजनीतिक मुद्दा भी बना। इसी दौरान गांव के ही कुछ घरों में आगजनी भी हुई। 10 अप्रैल को मुस्लिम समुदाय के दो लोगों के शव खेत से बरामद हुए थे। इसके बाद तनाव इतना बढ़ गया था कि गांव में धारा 144 लगानी पड़ी और करीब दो सप्ताह तक कर्फ्यू जारी रहा था। पुलिस ने भुनेश्वर साहू की हत्या के मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

दंगे में मारा गया बेटा, ईश्वर साहू ने 7 बार के विधायक को हराया

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में साजा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस सरकार में कृषि मंत्री रहे एवं सात बार के विधायक रविंद्र चौबे को हार का सामना करना पड़ा था। उनको पहली बार चुनाव मैदान में उतरे बीजेपी के उम्मीदवार ईश्वर साहू ने हराया था। ईश्वर साहू ने 5196 वोटों से रविंद्र चौबे को हराया था। ईश्वर साहू को 1,01,789 वोट मिले, जबकि रविंद्र चौबे को 96,593 वोट मिले थे। बता दें कि ईश्वर साहू के बेटे भुवनेश्वर साहू की मौत सांप्रदायिक हिंसा में हुई थी। इसके बाद बीजेपी ने चुनाव में ईश्वर साहू को उम्मीदवार बनाया था। बीजेपी नेता अमित शाह ने ईश्वर साहू के लिए प्रचार किया था।









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