नई दिल्ली :चीन और रूस ने सभी संबद्ध पक्षों से पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और हमलों को बंद करने का अनुरोध किया है। चीन ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ईरान पर हमले बंद करें अन्यथा इसके दूरगामी दुष्परिणाम होंगे जिन्हें पूरी दुनिया को भुगतना होगा। युद्ध अगर और दिन चला तो उसका वैश्विक प्रगति पर नकारात्मक असर होगा।जाहिर है कि युद्ध को लेकर चीन की चिंता के पीछे उसका स्वहित भी है, क्योंकि युद्ध अगर लंबा खिंचा तो उससे पैदा होने वाली वैश्विक मंदी से चीन का निर्यात भी प्रभावित होगा।
अमेरिका और इजरायल हमले बंद करें- चीन
चीन के पश्चिम एशिया मामलों के विशेष दूत झाई जून ने कहा, जिसने युद्ध की शुरुआत की, उसी पर उसे खत्म करने की जिम्मेदारी है। अमेरिका और इजरायल हमले बंद करें, ईरान भी हमले रोक देगा।
जून ने यह बात सऊदी अरब, यूएई और कुवैत के दौरे के बाद कही है। जबकि चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि युद्ध में ताकत का ज्यादा इस्तेमाल केवल स्थितियों को बिगाड़ेगा। अगर लड़ाई जारी रही तो यह पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लेगी और भीषण अराजक स्थिति बन जाएगी।
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हमले भयंकर दुष्परिणाम का कारण बन सकते हैं- चीन
प्रवक्ता ने कहा, इराक का उदाहरण हमारे सामने है। 23 वर्ष पूर्व वहां पर अकारण हमला किया गया था, उसका नतीजा इराक की जनता और पूरा पश्चिम एशिया अभी तक भुगत रहा है। जबकि रूस ने कहा है कि बुशहर परमाणु संयंत्र के नजदीक का हमला बेहद खतरनाक है। इस तरह के हमले भयंकर दुष्परिणाम का कारण बन सकते हैं।
परमाणु संयंत्र के पास हमलों की रूस ने की निंदा
रूस ने अपनी चिंता से अमेरिका को अवगत करा दिया है। यह जानकारी क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दी है। विदित हो कि 17 मार्च को ईरान के बुशहर में स्थित परमाणु संयंत्र के नजदीक हमला हुआ था जिसकी रूस ने कड़ी निंदा की थी।



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