कोंडागांव : छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में पुलिस ने शादी का झांसा देकर तीन साल तक शारीरिक शोषण करने के आरोप में डोलेश्वर कोर्राम (35 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़िता से विवाह का वादा किया था और उसे अपनी पत्नी के रूप में रखने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में अपने वादे से मुकर गया। पीड़िता ने इस मामले में 13 मार्च 2026 को मर्दापाल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि बड़ेकुरूषनार निवासी डोलेश्वर कोर्राम ने लगभग तीन वर्षों तक लगातार उससे शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने मार्च 2026 में विवाह की बात उठाई, तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद मर्दापाल पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच में मामला गंभीर पाया गया और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 23 मार्च की सुबह डोलेश्वर कोर्राम को उसके गांव बड़ेकुरूषनार से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को कोंडागांव के माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना मर्दापाल के निरीक्षक राजकुमार सोरी और उनकी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की।
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
पुलिस ने बताया कि इस प्रकार के मामलों में पीड़िता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। शारीरिक शोषण और धोखे के तहत विवाह का झांसा देना कानून के अंतर्गत गंभीर अपराध माना जाता है। स्थानीय पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने और मामले की कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में समाज के प्रति संदेश देना जरूरी है कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, शोषण और विवाह का झांसा देना कानूनी दृष्टि से गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस घटना को लेकर समुदाय में जागरूकता बढ़ाने की भी योजना बनाई है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी महिला या युवती के साथ इस तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी के झूठे वादों और शोषण के कारण उसे मानसिक और भावनात्मक परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने उसे आवश्यक समर्थन और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया। कोंडागांव पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार की घटनाओं की सूचना तुरंत थाने को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।



Comments