परमेश्वर राजपूत,छुरा/गरियाबंद :बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव से जुड़ी एक फोटो को लेकर हाल ही में कुछ समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर प्रसारित की गई, जिसमें यह दर्शाया गया कि उन्होंने एक बच्चे को गन सौंप दी। इस खबर के सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, लेकिन अब इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ चुकी है।
मामले की सत्यता जानने के लिए जब बच्चे के पिता रानू सिन्हा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से इन खबरों को निराधार और गलत बताया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि पर्व के दौरान विधायक जनक ध्रुव क्षेत्र के दौरे पर थे। इसी दौरान उन्होंने अपने निवास पर विधायक को नाश्ते के लिए आमंत्रित किया था, जिसे स्वीकार करते हुए विधायक उनके घर पहुंचे।रानू सिन्हा ने आगे बताया कि मुलाकात के दौरान उनके छोटे बच्चे ने गन देखने की बहुत ज्यादा ही जिज्ञासा व्यक्त की। बच्चे की मासूम इच्छा को देखते हुए विधायक ने अपने सुरक्षा गार्ड को बुलाया और गन को केवल दिखाया। इस दौरान उन्होंने बच्चे को समझाया कि यदि वह मन लगाकर पढ़ाई करेगा, अनुशासन में रहेगा और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहेगा, तो वह भी आगे चलकर सेना या सुरक्षा बल में शामिल होकर देश की सेवा कर सकता है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधायक द्वारा बच्चे को गन सौंपने या किसी भी प्रकार से हथियार थमाने जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
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पूरी घटना को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे वास्तविकता को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि विधायक जनक ध्रुव का यह व्यवहार बच्चों को प्रेरित करने वाला था। उनका उद्देश्य केवल बच्चे को शिक्षा और देशभक्ति के प्रति जागरूक करना था, न कि किसी भी प्रकार का गलत संदेश देना।गौरतलब है कि सोशल मीडिया के इस दौर में कई बार तस्वीरों और घटनाओं को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत कर दिया जाता है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां एक सामान्य और सकारात्मक घटना को नकारात्मक रूप में प्रचारित किया गया।
निष्कर्षतः वायरल फोटो और उससे जुड़ी खबर पूरी तरह भ्रामक साबित हुई है। वास्तविकता यह है कि विधायक जनक ध्रुव ने बच्चे को गन नहीं सौंपी, बल्कि उसे बेहतर भविष्य और देशसेवा के लिए प्रेरित किया। ऐसे में बिना पुष्टि के खबरों के प्रसारण से बचना आवश्यक है, ताकि समाज में अनावश्यक भ्रम न फैले।



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