इस्लामाबाद : पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से जारी सैन्य संघर्ष को शांत करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। इसी क्रम में सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्त्र के विदेश मंत्री रविवार को पाकिस्तान पहुंचेंगे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार के निमंत्रण पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, तुर्किए के विदेश मंत्री हकान फिदान और मिस्त्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती रविवार और सोमवार को इस्लामाबाद में क्षेत्रीय स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
तीनों नेता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। उधर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से लगभग एक घंटे बातचीत की और नागरिक ठिकानों तथा ऊर्जा ढांचों पर इजरायल के लगातार हमलों की निंदा की।
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उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों, अन्य इस्लामी देशों और अमेरिका के साथ भी लगातार संपर्क बना हुआ है। राष्ट्रपति पेजेशकियान ने बातचीत में कहा कि किसी भी मध्यस्थता प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए विश्वास कायम करना सबसे जरूरी है।
जेडी वेंस किया बड़ा दावा
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि ईरान में अमेरिका का अधिकांश सैन्य उद्देश्य पूरा हो चुका है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि यह अभियान सीमित रूप से ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लंबे समय तक नियंत्रित करने तक जारी रहेगा।
ईरान पर अमेरिकी हमले भी तेज
आईएएनएस के अनुसार, अमेरिका ने भी ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों में ईरान यूनिवर्सिटी की इमारत को नुकसान पहुंचा, जबकि जांजान प्रांत में पांच लोगों की मौत हुई। दक्षिण-पश्चिमी शहर हफ्तकेल में पहली बार जल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को ईरानी नौसेना के जहाजों पर हमलों के वीडियो फुटेज जारी किए। होर्मुज जलमार्ग खुलवाने के उद्देश्य से अमेरिका लगातार ईरानी नौसेना पर हमले कर रहा है।



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