ईरान संकट के बीच ट्रंप का बयान सुर्खियों में, तेल पर कब्जे की कही थी बात

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बयान सुर्खियों में, तेल पर कब्जे की कही थी बात

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपना 1987 का पुराना इंटरव्यू शेयर किया है, जिसमें उन्होंने ईरान को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया था। वीडियो में ट्रंप कहते दिख रहे हैं कि अमेरिका को ईरान के तेल ठिकानों पर कब्जा कर लेना चाहिए। करीब चार दशक पुराना यह बयान मौजूदा अमेरिका-ईरान तनाव के बीच फिर सुर्खियों में आ गया है।

1987 के इंटरव्यू और उस समय दिए गए विज्ञापनों में ट्रंप ने अमेरिकी विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा था कि अमेरिका को दूसरे देशों के तेल की सुरक्षा करने के बजाय सीधे अपने हितों के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया था कि अमेरिका उन देशों के लिए जोखिम उठा रहा है, जो खुद अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं लेते।

ट्रंप ने क्या कहा?

वीडियो में, ट्रंप ने अमेरिका की कमज़ोरी के खिलाफ तर्क दिया और सीधे जवाब के तौर पर समुद्र के किनारे मौजूद ईरान के तेल भंडारों पर काब्जा करने का प्रस्ताव रखा।

ट्रंप ने कहा, "हम अंदर जाकर उनके कुछ तेल पर कब्जा क्यों नहीं कर सकते, जो समुद्र के किनारे है?" जब उनसे इस तरीके और इसमें शामिल जोखिमों के बारे में पूछा गया, जिसमें मरीन सैनिकों की संभावित भागीदारी या युद्ध भड़कने का खतरा भी शामिल था, तो उन्होंने जवाब दिया, "आप अंदर जाइए, तेल पर काब्जा कर लीजिए, ईरान को अपना युद्ध खुद लड़ने दीजिए। आप उनका तेल ले लीजिए।"उन्होंने आगे कहा, "कमजोरी दिखाने से आप मुसीबत में पड़ जाते हैं।" उस समय सोवियत हस्तक्षेप की चिंताओं को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि वे हस्तक्षेप करेंगे।"

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"अगली बार जब ईरान इस देश पर हमला करे, तो अंदर जाइए और उनके किसी बड़े तेल संयंत्र पर काब्जा कर लीजिए और मेरा मतलब है कि उस पर कब्जा करके उसे अपने पास ही रखिए और अपने नुकसान की भरपाई कीजिए, क्योंकि ईरान की वजह से इस देश को बहुत नुकसान उठाना पड़ा है।"

मौजूदा हालात से जुड़ता पुराना बयान

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप द्वारा पुराने इंटरव्यू को दोबारा साझा करना सिर्फ संयोग नहीं है, बल्कि यह उनके लंबे समय से चले आ रहे हार्डलाइन रुख को दर्शाता है। दरअसल, 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। ट्रंप हाल ही में ईरान की ऊर्जा संरचना को पूरी तरह तबाह करने की धमकी भी दे चुके हैं।

ईरान के तेल पर कब्जे की चर्चा क्यों अहम?

ईरान वैश्विक तेल बाजार का एक बड़ा खिलाड़ी है और उसके प्रमुख निर्यात केंद्र जैसे खार्ग द्वीप रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका इस द्वीप पर हमले या कब्जे जैसे विकल्पों पर भी विचार कर चुका है, जिससे ईरान की तेल सप्लाई को प्रभावित किया जा सके।

ट्रंप के वीडियो ने बढ़ाई चिंता

ट्रंप के हालिया बयानों और पुराने वीडियो के दोबारा सामने आने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, मिडिल ईस्ट में सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।









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