कांस्टेबल केस में बड़ा मोड़: हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को ठहराया गलत

कांस्टेबल केस में बड़ा मोड़: हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को ठहराया गलत

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पुलिस विभाग की कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए बर्खास्त आरक्षक शिवकुमार सायतोड़े की सेवा बहाल करने का आदेश दिया है।न्यायालय ने पाया कि विभागीय जांच पूरी तरह से प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ की गई, जिसमें याचिकाकर्ता को गवाहों से जिरह करने का उचित अवसर नहीं दिया गया।

दरअसल, मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकित सिंह ने दलील दी कि पूरा मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा था, जिसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर विभागीय कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने माना कि आरोप मुख्यतः वैवाहिक विवाद पर आधारित थे और इनके समर्थन में ठोस स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे इतनी कठोर सजा उचित नहीं ठहराई जा सकती।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है

कोर्ट ने की यह टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि पुलिस कर्मी से उच्च आचरण की अपेक्षा जरूर होती है, लेकिन केवल व्यक्तिगत विवाद के आधार पर सेवा से बर्खास्त करना न्यायसंगत नहीं है, खासकर तब जब जांच प्रक्रिया ही त्रुटिपूर्ण हो। इसी आधार पर न्यायालय ने बर्खास्तगी आदेश सहित अपील और पुनरीक्षण के आदेशों को भी रद्द कर दिया। साथ ही राज्य शासन को निर्देश दिया कि आरक्षक को तत्काल सेवा में बहाल किया जाए और उसे सेवा निरंतरता के साथ अन्य लाभ दिए जाएं। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित अवधि के लिए 50 प्रतिशत बैक वेतन ही दिया जाएगा और विभाग चाहे तो विधि अनुसार दोबारा जांच की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।









You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments