बिलासपुर :रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बिलासपुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस के बाहर हालात तनावपूर्ण बने रहे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कहीं भी कमजोर नहीं पड़ी। बिना अनुमति प्रवेश के लिए दबाव बनता रहा, बहस होती रही, अभद्र भाषा का इस्तेमाल होता रहा—फिर भी पुलिस अपनी रेखा से पीछे नहीं हटी।
मुख्यमंत्री दिनभर शहर के अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल रहे। अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण से लेकर धार्मिक आयोजनों और स्व. लखीराम स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल तक उनकी मौजूदगी रही। इसी क्रम में न्यू सर्किट हाउस पहुंचकर उन्होंने विश्राम किया, जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा की और निर्धारित कार्यक्रम के तहत सीमित मुलाकातें भी कीं। समयाभाव के कारण हर किसी से मुलाकात संभव नहीं हो पाई, हालांकि कुछ लोगों को निर्धारित सूची के अनुसार बुलाया भी गया।
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इसी दौरान न्यू सर्किट हाउस के मुख्य द्वार के सामने कुछ लोग, जिनमें खुद को पत्रकार बताने वाले और कुछ महिलाएं शामिल रहीं, बिना अनुमति अंदर जाने पर अड़े रहे। मौके पर लगातार बहस होती रही। हालात ऐसे बने रहे कि कुछ असामाजिक तत्वों ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि पुलिस प्रशासन को जमकर भला-बुरा भी कहा। उकसावे का माहौल बनाया गया, लेकिन सुरक्षा में तैनात जवानों ने संयम नहीं छोड़ा।
पुलिस का रुख साफ रहा—प्रोटोकॉल के बिना प्रवेश नहीं। जवान लगातार समझाइश देते रहे, सुरक्षा घेरा बनाए रखा और किसी को भी भीतर जाने नहीं दिया। दबाव और बहस के बीच भी न तो व्यवस्था टूटी, न ही पुलिस का अनुशासन।
जिला प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के पक्ष में दृढ़ रहा। स्पष्ट संदेश रहा कि किसी भी स्थिति में तय नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा।
व्यवस्था बनाए रखना दायित्व,हमने वही किया” —
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने पूरे घटनाक्रम पर दो टूक कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का मूल कार्य है और ड्यूटी पर तैनात बल ने पूरी जिम्मेदारी के साथ इसे निभाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री कार्यालय और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से तय होता है, और उसी के आधार पर प्रवेश की अनुमति दी जाती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस और पुलिस जवान हमेशा की तरह बेहतर काम करते हैं। ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक जवान की प्रतिबद्धता काबिले तारीफ रहती है। इसी प्रतिबद्धता को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि मुख्यमंत्री की ड्यूटी में तैनात प्रत्येक जवान को पुरस्कृत किया जाएगा।
रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। व्यवस्था को चुनौती देने वालों को साफ सन्देश है कि अव्यवस्था फैलाने से बाज आए l ऐसे लोगों के खिलाफ न केवल कठोर कार्रवाई होगी बल्कि कानूनी व्यवस्था के तहत सख़्त कदम उठाया जाएगा l चाहे कोई भी हो व्यवस्था के सामने आम और ख़ास भेद नहीं होताl



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