परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/छुरा : आदिवासी विकासखण्ड छुरा क्षेत्र की जनता इन दिनों प्रदेश सरकार की बड़ी घोषणा के पूरा होने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। लगभग दस माह पहले, 9 मई 2025 को आयोजित सुशासन तिहार के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के छुरा आगमन पर क्षेत्र की जनता ने जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया था। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में लंबे समय से बनी लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए 132 केवी सब स्टेशन के निर्माण और विस्तार की घोषणा की थी।यह घोषणा रोहित साहू की मांग पर की गई थी, जिसके तहत छुरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम मडेली में लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से सब स्टेशन निर्माण प्रस्तावित किया गया। उस समय उपस्थित जनसमूह ने इस घोषणा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और क्षेत्र के विकास की नई उम्मीदें जगी थीं।लेकिन, समय बीतने के साथ यह उत्साह अब निराशा में बदलता नजर आ रहा है। घोषणा के दस माह बाद भी न तो निर्माण कार्य शुरू हो सका है और न ही इस दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई दे रही है। ग्राम मडेली में स्थानीय लोगों द्वारा मुख्यमंत्री, विधायक एवं प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार आवेदन भी सौंपे गए, जिसमें बिजली समस्या सहित अन्य मांगों को प्रमुखता से उठाया गया, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।
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वर्तमान में क्षेत्र के ग्रामीण गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे हैं। लो-वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती के कारण घरों में मोटर पंप तक नहीं चल पा रहे हैं, जिससे पेयजल की समस्या विकराल होती जा रही है। दिन में पानी की किल्लत और रात में गर्मी व मच्छरों के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस घोषणा पर उन्होंने भरोसा जताया था, वह अब तक केवल कागजों में ही सीमित है। इससे लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।अब क्षेत्र की जनता की निगाहें एक बार फिर सरकार की ओर टिकी हैं कि आखिर कब यह बहुप्रतीक्षित 132 केवी सब स्टेशन का कार्य शुरू होगा और उन्हें बिजली संकट से राहत मिल पाएगी।


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