अगर आप रोज जिम में भारी डंबल उठाकर इस उम्मीद में पसीना बहा रहे हैं कि इससे आपके पेट की जिद्दी चर्बी पिघल जाएगी, तो आप एक बहुत बड़े भ्रम में जी रहे हैं।
अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार के मुताबिक, फिटनेस की दुनिया ने अपने फायदे के लिए हमें गलत जानकारी दी है। वजन उठाना शरीर के लिए फायदेमंद है, लेकिन जब बात फैट कम करने की आती है, तो यह सबसे बेहतरीन तरीका बिल्कुल नहीं है।
डॉक्टर ने दिया ड्यूक यूनिवर्सिटी की रिसर्च का हवाला
ड्यूक यूनिवर्सिटी की एक पॉपुलर स्टडी ने इस बात को पूरी तरह साफ कर दिया है। इस रिसर्च में एरोबिक एक्सरसाइज, वेट लिफ्टिंग और दोनों को मिलाकर की जाने वाली एक्सरसाइज की तुलना की गई थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि नतीजे चौंकाने वाले थे- जी हां, वजन उठाने के मुकाबले, कार्डियो करने से लोगों का फैट काफी तेजी से कम हुआ।
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खासकर वह विसेरल फैट जो हमारे अंदरूनी अंगों के आसपास जमा होता है। रिसर्च के अनुसार, सिर्फ वजन उठाने से शरीर का कुल फैट या वजन कम नहीं होता, हालांकि इससे मांसपेशियां जरूर मजबूत होती हैं। यही वजह है कि नियमित रूप से दौड़ने वालों के शरीर में खतरनाक विसेरल फैट बहुत कम पाया जाता है।
भारी वजन उठाने के बाद भी क्यों नहीं कम होता पेट?
कई लोग सालों तक जिम में पसीना बहाते हैं, फिर भी उनकी तोंद जस की तस रहती है। डॉक्टर का कहना है कि इसके पीछे एक सीधा-सा विज्ञान है। जब आप भारी वजन उठाते हैं, तो उस दौरान खर्च हुई ऊर्जा की भरपाई आपका शरीर दिन भर ज्यादा भूख लगाकर और थकान के कारण फिजिकल एक्टिविटी कम करवा कर कर लेता है।
इसके उलट, जो लोग नियमित कार्डियो या रनिंग करते हैं, वे हर मिनट ज्यादा कैलोरी खर्च करते हैं। उनका शरीर फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने में माहिर हो जाता है और उम्र बढ़ने पर भी उनके पेट के आसपास चर्बी जमा नहीं होती।
यह सच आपसे क्यों छिपाया जाता है?
जरा सोचिए, अगर हर कोई यह जान जाए कि हफ्ते में 4 दिन, 45 मिनट बाहर दौड़ना वजन कम करने का सबसे असरदार और बिल्कुल 'मुफ्त' तरीका है, तो फिटनेस इंडस्ट्री का क्या होगा?
"भारी वजन उठाओ और शानदार बॉडी पाओ" जैसी बातें लोगों को आकर्षित करती हैं। इसी बहाने जिम की महंगी मेंबरशिप, सप्लीमेंट्स और पर्सनल ट्रेनिंग बेची जाती है। साधारण दौड़ने से किसी कंपनी का मुनाफा नहीं होता।
आपके लिए सही रणनीति क्या होनी चाहिए?
इसे एक गाड़ी के उदाहरण से समझें: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आपकी गाड़ी का 'इंजन' तैयार करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है, लेकिन कार्डियो असल में वह प्रक्रिया है जो उस गाड़ी के 'ईंधन' यानी आपके शरीर की चर्बी को जलाती है।
अगर आपका मुख्य लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ फैट कम करना है, तो इस फॉर्मूले को अपनाएं:
इसलिए, अगर आप जिम में भारी से भारी वजन तो उठा रहे हैं, लेकिन दौड़ने या कार्डियो करने से कतराते हैं, तो अपनी कमर के नाप के कम न होने पर हैरान मत होइए।


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