दुर्ग : थाना पद्मनाभपुर क्षेत्र में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग प्रकरणों में लक्ष्मी टाण्डी (लगभग 30 वर्ष, निवासी रायपुर नाका, पद्मनाभपुर) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी महिला ने पिछले छह माह में रकम दोगुना करने और लोन दिलाने का झांसा देकर विभिन्न व्यक्तियों से करीब 10 लाख रुपये की ठगी की। जानकारी के अनुसार, प्रार्थी सारपल्ली भास्कर ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उन्हें छह माह में रकम दोगुना करने का प्रलोभन दिया और इस दौरान लगभग 03 लाख रुपये नगद तथा 07 लाख रुपये विभिन्न खातों में ऑनलाइन जमा करवाए। इसी प्रकार, आरोपी ने प्रार्थी कविता श्रीवास्तव को लोन दिलाने का झांसा देकर 10,000 रुपये ऑनलाइन और 50,000 रुपये नगद प्राप्त किए।
थाना पद्मनाभपुर पुलिस ने इन प्रकरणों में अपराध क्रमांक 209/2026 एवं 210/2026 धारा 318(4) BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान आरोपी को त्वरित कार्रवाई के माध्यम से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि लक्ष्मी टाण्डी के विरुद्ध पूर्व में थाना सुपेला में भी अपराध क्रमांक 813/2024 दर्ज है, जिससे उसकी आपराधिक प्रवृत्ति उजागर होती है। पुलिस ने बताया कि इस तरह के धोखाधड़ी मामलों में लाभ के लालच और झांसे का इस्तेमाल किया जाता है। आरोपी ने रकम दोगुना करने और लोन दिलाने के नाम पर पीड़ितों से पैसे वसूले। इस मामले में बैंक खातों और लेनदेन संबंधी दस्तावेजों को जप्त किया गया है, जिनका परीक्षण विवेचना में किया जा रहा है।
थाना पद्मनाभपुर पुलिस ने कहा कि यह कार्यवाही कानून की सख्ती और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है। टीम की सक्रिय भूमिका से आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस ने आश्वस्त किया कि इस तरह के धोखाधड़ी मामलों में सभी आरोपी चाहे महिला हों या पुरुष, कानून के तहत सजा भुगतेंगे। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि रकम दोगुना करने, निवेश या लोन दिलाने जैसे झांसे में आने से पहले उचित सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी पुलिस को तुरंत दें। यह कदम दुर्ग जिले में वित्तीय अपराधों को रोकने और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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स्थानीय पुलिस का कहना है कि झूठे वादों और आर्थिक प्रलोभन पर आधारित धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई करने से अन्य संभावित अपराधियों को भी चेतावनी मिलती है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्यवाही से यह संदेश गया कि पुलिस केवल शिकायत मिलने पर ही नहीं बल्कि सक्रिय जांच और मॉनिटरिंग के जरिए भी अपराधियों पर अंकुश लगा रही है। थाने की टीम ने बैंक लेनदेन, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और संबंधित दस्तावेजों का संकलन कर साक्ष्य जुटाए। दुर्ग पुलिस ने इस मामले में उल्लेख किया कि कानून की सख्ती से ही वित्तीय अपराधों की रोकथाम संभव है। नागरिकों की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता के माध्यम से ऐसे मामलों में कमी लाई जा सकती है।


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