आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी ग्रामीण महिलाएं : गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य, स्वरोजगार से बढ़ी आय

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी ग्रामीण महिलाएं : गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य, स्वरोजगार से बढ़ी आय

रायगढ़, 7 अप्रैल 2026 : शासन की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जिले की ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनकर उभर रही हैं। योजना से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ग्राम बड़ेभंडार निवासी मथुरा कुर्रे ने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें “आर.एफ.” और “सी.आई.एफ.” के तहत आर्थिक सहयोग मिला। इस सहायता से उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आज वे अपने उत्पादों को बाजार में विक्रय कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं।

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इसी तरह ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की जमुना सिदार पहले गृहिणी थीं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया और टोकरी, सूपा एवं अन्य उत्पाद बनाना शुरू किया। उन्हें विभिन्न मेलों, विशेषकर ‘सरस मेला’ में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इसे वे अच्छी खासी आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।

बिहान योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, आत्मविश्वास और नई पहचान भी प्रदान कर रही है। जिले में अनेक महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। बता दें कि शासन की मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक रुप से सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है, जिससे महिलाएं विभिन्न योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रुप से संबल हो रही है।








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