हिंडाल्को इंडस्ट्रीज का रायगढ़ से बाहर निकलने की तैयारी, दो कोल ब्लॉक पर बड़ा अपडेट

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज का रायगढ़ से बाहर निकलने की तैयारी, दो कोल ब्लॉक पर बड़ा अपडेट

रायगढ़ :  हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को लेकर और खबर बाहर आ रही है। कंपनी अब रायगढ़ जिले से बोरिया-बिस्तर समेटकर जाने की तैयारी कर रही है। दो में एक एक कोल ब्लॉक पहले ही सरेंडर कर दिया था। अब दूसरी खदान में भी छंटनी की जा रही है। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन स्थानीयों को हो रहा है, जो अपनी जमीनें खदानों के लिए दे चुके हैं।कोयला खदानों की नीलामी ने रायगढ़ जिले में परिस्थितियां बदल दी थी। कई मल्टी नेशनल कंपनियों ने यहां के कोल ब्लॉक को हासिल करने में एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। नीलामी के प्रारंभिक दौर में ही हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने दो कोल ब्लॉक गारे पेलमा गारे पेलमा 4/4 को 3001 रुपए प्रति टन और गापे 4/5 को 3502 रुपए प्रति टन की सर्वाधिक बोली लगाकर हासिल किया था।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है

प्रोडक्शन कॉस्ट और कीमत अधिक होने के कारण गापे 4/5 कोल माइंस को चार साल पहले ही सरेंडर कर दिया था। सरकार ने इसे 2024 में स्वीकार किया और टर्मिनेशन ऑर्डर जारी किया, तब कोयला खदान में काम कर रहे कर्मचारियों की छंटनी की गई थी। कुछ कर्मचारियों को दूसरी माइंस गापे 4/4 में समायोजित किया गया था तब ऐसा लगा था कि कंपनी गापे 4/4 को लंबे समय तक चलाएगी, लेकिन अब यह स्थिति बदल रही है। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को गारे पेलमा 4/4 कोल माइंस से सालाना 10 लाख टन कोयला उत्पादन करना है। लेकिन वर्ष 25-26 में मात्र 2.4 लाख टन ही उत्पादन किया गया।

बताया जा रहा है कि कंपनी ने यहां से भी छंटनी शुरू कर दी है। कर्मचारियों को एकमुश्त राशि देकर दूसरी जगह काम खोजने को कह दिया गया है। इसमें कोडक़ेल के भी कुछ ग्रामीण शामिल हैं। खनन प्रभावित क्षेत्र के लोगों को अपनी जमीनें देने के बाद रोजगार तो बहुत कम मिलता है। जो नौकरी मिली है, वह भी छीनी जा रही है। दरअसल इस माइंस से भी उत्पादन करने में कंपनी को नुकसान हो रहा है। एक चौथाई उत्पादन करने के साथ कंपनी मैन पावर घटा रही है। 

कहां जाएंगे कर्मचारी

दरअसल हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को गापे 4/4 माइंस से कोयला निकालकर प्लांट तक ले जाते तक कीमत 5000 रुपए प्रति टन से अधिक पड़ रही है। इससे कम दर पर तो कोल इंडिया का कोयला मिल रहा है। इसीलिए उत्पादन कम हो चुका है। हिंडाल्को ने टारगेट पूरा नहीं किया है जिसके लिए पेनाल्टी लगनी तय है। यह स्थिति हर साल बनेगी इसलिए कंपनी इस कोल ब्लॉक को भी सरेंडर कर सकती है। छंटनी का सिलसिला जारी है।








You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments