आरंग:आरंग महानदी रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार प्रयास किए जाने के चलते इस मुद्दे पर रेलवे विभाग के साथ हुई चर्चाओं में सकारात्मक संकेत मिले हैं।जानकारी के अनुसार, आरंग विधानसभा क्षेत्र स्थित इस स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग सबसे पहले समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि ध्रुव मिर्धा द्वारा उठाई गई थी। इसके बाद बाजार समिति सहित अन्य नागरिक संगठनों ने भी रेलवे प्रशासन के समक्ष यह मांग प्रमुखता से रखी।
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रेलवे विभाग ने प्रारंभ में यह तर्क दिया था कि आरंग स्टेशन पर यात्रियों की संख्या पर्याप्त नहीं है, जिससे एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होगा। हालांकि, नागरिक समिति ने इस पर आपत्ति जताते हुए बताया कि स्टॉपेज नहीं होने के कारण क्षेत्र के यात्री मजबूरी में रायपुर और महासमुंद जैसे नजदीकी स्टेशनों से यात्रा करते हैं। इससे आरंग का वास्तविक यात्री आंकड़ा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाता।समिति ने सुझाव दिया कि रायपुर और महासमुंद रेलवे स्टेशनों के टिकट आंकड़ों का विश्लेषण कर आरंग क्षेत्र के वास्तविक यात्रियों का आकलन किया जा सकता है।
बैठक के दौरान रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि दो माह के भीतर कम से कम दो एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद नागरिक समिति ने प्रस्तावित ‘रेल रोको आंदोलन’ को फिलहाल स्थगित कर दिया था।गौरतलब है कि पिछले एक-दो वर्षों में आरंग क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई है, लेकिन रेलवे स्टेशन तक पहुंच मार्ग और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण यात्रियों को अभी भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू होता है, तो इससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और यात्रियों को भी बड़ी राहत।


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