बिहार में आम की खेती बड़े पैमाने पर होती है. अभी इस फल का सीजन भी चल रह है. आम के पौधों में टिकोले आ चुके हैं. हालांकि, इन टिकोले को तेज हवा से बचाना भी बहुत ही जरूरी होता है. क्योंकि इस मौसम ज्यादातर समय लू का प्रकोप रहता है और जब तेज हवा चलती है तो टिकोले झड़ते हैं. साथ ही जब आंधी आ जाती है तो तब किसानों को मुश्किलों का ही सामना करना पड़ जाता है. ऐसे में जब पेड़ से आम के टिकोले ही झड़ जाएंगे तो किसान को नुकसान हो जाएगा.
इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए कई किसान आम की बागवानी शुरू होने से पहले ही कार्य करना शुरू कर देते हैं, ताकि पेड़ों से आम के टिकोले झड़ने से बचाया जा सके. पटना जिला के मसौढ़ी प्रखंड स्थित ललित कुमार ने आम की बागवानी को लेकर अहम जानकारी दी.
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20 साल से बागवानी कर रहे हैं ललित
ललित कुमार 20 साल से बागवानी कर रहे हैं. वो करीब 12 बीघा में अलग अलग प्रकार के पौधे लगाए हुए हैं. हालांकि, आम के पौधे सबसे ज्यादा हैं. उनके पास 20 से ज्यादा किस्म हैं. 350 पेड़ों को वो इस कदर व्यवस्थित कर रखे हैं कि देख कर लगेगा कि कहीं एक गार्डन में आ चुके हैं. उन्होंने बताया कि अक्सर यह देखा जाता है कि तेज हवा में आम के फल को बचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. हालांकि, सही प्रबंधन करने से कभी दिक्कत नहीं होगी. उसके लिए आपको अपने बगीचे का खास ख्याल रखना होगा.
ऐसे करें सही प्रबंधन
उन्होंने आगे कहा कि आम की बागवानी का सीजन आने पर ही खेतों में कीटनाशक, चुना और साफ सफाई करने का कार्य न करें. अगर आप आम की खेती से अच्छा लाभ कमाना चाहते हैं तो पेड़ों की हर वक्त ध्यान देने की जरूरत पड़ती है. आम के पौधों की समय समय पर छंटाई, 3 फीट तक कोई ब्रांच नहीं, कीटनाशक का समय समय पर प्रयोग, चुना का प्रयोग जैसे बहुमूल्य कार्य हमेशा करना चाहिए. इससे आम का पेड़ मजबूत होता है. जब आपका पेड़ मजबूत होगा तो जाहिर तौर पर फल भी अच्छा होगा और गिरने से भी बचेगा.


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